संभल। कलियुग में भगवान कल्कि का अवतरण संभल में होगा। इसका उल्लेख पुराणों में मिलता है। इसके अलावा 68 तीर्थ और 19 कूप का भी उल्लेख मिलता है। हिंदू समाज में इसको लेकर बड़ी आस्था है। प्राचीन कल्कि मंदिर नगर के मोहल्ला कोटगर्वी में स्थित है। जो वर्षों पहले का बताया जाता है।
जिला प्रशासन की ओर से 19 कूप और कुछ तीर्थ को खोज लिया है। उनकी जांच भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा कराई जा रही है। जिससे कूप और तीर्थों की सही जानकारी मिल सके। वहीं दूसरी ओर तीर्थ को लेकर भारतीय इतिहास संकलन समिति भी प्रयास करती रहती है।
समिति के जिलाध्यक्ष अजय शर्मा का कहना है कि शहर और उसके आसपास ही 68 तीर्थ होने का उल्लेख पुराणों में मिलता है। संभल त्रिकोणीय आकार में बसा है। इसी तरह तीर्थ और कूप भी बने हैं। बताया कि अभी तक 14 ही तीर्थ की जानकारी सामने है। अन्य तीर्थों की तलाश के लिए प्रशासन से कई बार सहयोग मांगा गया है। मालूम हो इन्हीं तीर्थ की तर्ज पर गांव बेनीपुर चक में स्थित वंश गोपाल तीर्थ से चौबीस कोसीय परिक्रमा होती है। सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु परिक्रमा में शामिल होने के लिए आते हैं।