संभल। रजपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने पति के कहने पर सामूहिक दुष्कर्म व अपहरण करने के गलत बयान दिए थे। पुलिस की छानबीन में हकीकत सामने आई तो महिला ने भी सच बता दिया। पुलिस ने झूठी सूचना देने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर महिला के पति और उसके भाई को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को न्यायालय से जेल भेजा गया है।
एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि महिला के पति ने रजपुरा थाने में दी तहरीर में बताया था कि उसकी पत्नी शुक्रवार को मायके जा रही थी। इस दौरान गांव निवासी तीन युवकों ने उसकी पत्नी को जबरन गाड़ी में बैठाया और अनूपशहर के एक होटल में सामूहिक दुष्कर्म किया। महिला के बयान बयान दर्ज किए गए और अन्य बिंदुओं पर छानबीन की। जिसमें मामला झूठा पाया गया। महिला से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि उसका पति से विवाद हो गया था। वह एक गांव में जाकर ठहरी थी। शनिवार को पति साथ लेकर गांव वापस आ गया था। घर आकर मारपीट की और तीनों युवकों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज कराने के लिए कहा। यही बयान पुलिस को दे दिया। एसपी ने बताया कि महिला के पति और उसके भाई को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि उनका जमीन को लेकर पुराना विवाद है। इसलिए झूठे मुकदमें में फंसाना चाहते थे। एसपी ने बताया कि आरोपियों को न्यायालय से जेल भेज दिया गया है।
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बीएनएस की धारा 248 के तहत प्रदेश में पहला मामला दर्ज हुआ
भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 248 के तहत किसी व्यक्ति के खिलाफ झूठा आरोप लगाने पर गंभीर सजा का प्रावधान है। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि अगर झूठा आरोप किसी साधारण अपराध के लिए लगाया गया है तो आरोपी को पांच साल तक की जेल या 2 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। अगर झूठा आरोप किसी गंभीर अपराध के लिए लगाया गया है, जैसे कि हत्या, दुष्कर्म तो आरोपी को दस साल तक की जेल हो सकती है और जुर्माना भी लग सकता है। एसपी ने बताया कि प्रदेश में यह पहला मामला दर्ज किया गया है जो गंभीर अपराध में झूठा मामला सामने आया है।