संभल। गुमसानी में शिव मंदिर को जाना वाला मार्ग बीच से टूट गया है। इससे आवागमन प्रभावित है। अब जल चढ़ाने के लिए पहुंचने वाले कांवड़ियों को भारी परेशानी होगी। हैरानी की बात यह है कि कई दशक बीतने के बाद भी मंदिर का मार्ग पक्का नहीं हो सका। हालांकि दो वर्ष पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इसकी शिकायत हुई तो लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंताओं ने नापतौल की थी। लेकिन सड़क अब तक नहीं बन सकी है। वर्तमान स्थिति यह है कि खड़ंजा है और बारिश के पानी से बीच में टूट गया। आने-जाने का मार्ग बाधित है।
असमोली के गुमसानी स्थित पातालेश्वर झारखंडी महादेव मंदिर वर्षों पुराना है। बताते हैं कि इतिहास तो पांच सौ साल का है। वर्तमान में महंत संतोषपुरी यहां रहे हैं। संतोषपुरी महाराज ने बताया कि मंदिर पर आसपास के भक्त ही नहीं कई जिले के भक्त आकर जल चढ़ाते हैं। अब 24 जुलाई से सावन का शुभारंभ है। 25 जुलाई से कांवड़ यात्रा शुरू हो रही है। तमाम शिव भक्त कांवड़ लेने जाएंगे और जब लौटेंगे तो यहां जल चढ़ाएंगे।
विडंबना यह है कि भक्तों के आने जाने वाला मार्ग खस्ताहाल है। लगातार गुजरने वाले ग्रामीण भी इस परेशानी को हर दिन झेल रहे हैं। खड़ंजा टूट चुका है। बीच में बह भी गया है। पैदल निकलना भी दूभर है। जिलाधिकारी से लेकर शासन स्तर तक सड़क को ठीक कराने की मांग रख चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। बताते चले कि इसी खड़ंजे के बराबर में आरिल नदी का उद्गम स्थल है।
सावन में बारिश अधिक हुई तो समस्या बढ़ सकती है। यहां तक की भक्तों के आने जाने पर भी रोक लग सकती है। क्योंकि इसके अलावा दूसरा कोई ऐसा मार्ग नहीं है जिसके रास्ते मंदिर तक पहुंचा जाए। वहीं, रतनपुर से गुमसानी के बीच संपर्क मार्ग भी बेहद खराब है। पूरा मार्ग खस्ताहाल है।