गुन्नौर (संभल)। ग्राम पंचायत मखदूमपुर में राशन की दुकान के चयन को लेकर हुआ विवाद अब जिला मुख्यालय तक पहुंच गया है। ग्राम प्रधान ने 12 जून को हुई खुली बैठक के प्रस्ताव को पूरी तरह फर्जी बताते हुए डीएम से लिखित शिकायत की है। आरोप लगाया है कि पंचायत सचिव ने कुछ लोगों से मिलीभगत कर प्रधान के फर्जी हस्ताक्षर और मुहर का इस्तेमाल किया है।
जानकारी के अनुसार, 12 जून को मखदूमपुर गांव में राशन की दुकान के आवंटन को लेकर एक खुली बैठक बुलाई गई थी। जिसमें पंचायत सचिव सहित ग्रामीणों की मौजूदगी में राशन की दुकान का प्रस्ताव पास होने की बात सामने आई थी। प्रस्ताव सामने आने के बाद ग्राम प्रधान रामबाबू और राशन दुकान के लिए आवेदन करने वाले अमरपाल सिंह ने कड़ा ऐतराज जताया। दोनों ने डीएम से मिलकर शिकायती पत्र सौंपा और पूरे मामले से अवगत कराया।
प्रधान रामबाबू का कहना था कि जो प्रस्ताव तैयार किया गया है, वह पूरी तरह से फर्जी और नियम विरुद्ध है। प्रस्ताव रजिस्टर पर सचिव व कुछ अन्य लोगों ने मिलकर प्रधान के फर्जी हस्ताक्षर किए हैं और मुहर भी फर्जी तरीके से लगा रखी है। उनके द्वारा न तो हस्ताक्षर किए गए हैं और न ही अपनी मुहर लगाई गई है। इस फर्जीवाड़े की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की गई है।
वहीं, राशन दुकान के प्रत्याशी अमरपाल सिंह ने भी इस पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हुए इसे धांधली बताया है। उनका कहना है कि ग्रामीणों को गुमराह करके और फर्जी दस्तावेज तैयार करके चहेतों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। ग्राम प्रधान ने डीएम से खुली बैठक के प्रस्ताव को निरस्त करने की मांग की। जनसुनवाई पोर्टल पर भी मामले की शिकायत की गई है। इस संबंध में पंचायत सचिव मोहित कुमार भाटी ने बताया कि खुली बैठक में प्रस्ताव किया गया है, जिसमें प्रधान द्वारा हस्ताक्षर कर मोहर लगाई गई है, कोई फर्जी काम नहीं किया गया है।