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Sambhal News: संभल में बवाल तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी की वजह से हुआ थाः इकबाल

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संभल। कोर्ट के आदेश पर जामा मस्जिद सर्वे के दौरान 24 नवंबर 2024 को संभल में हुए बवाल की न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट विधानमंडल में पेश होने के बाद से बढ़ी राजनीतिक हलचल के बीच विधायक एवं सपा नेता इकबाल महमूद ने रिपोर्ट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने आयोग की रिपोर्ट से सहमत न होने का खुद का बयान दोहराया है, वहीं सीधे-सीधे कहा कि संभल में बवाल तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी की वजह से हुआ था।
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शनिवार को संभल में मियां सराय स्थित अपने आवास पर विधायक ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि संभल के तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी की वजह से संभल में बवाल हुआ था। बोले, हमने डीजीपी स्तर पर भी शिकायत की थी कि सीओ को हटा दिया जाए। शहर में लोगों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है। एसपी से भी कई बार मिलकर हटाने के लिए कहा था लेकिन नहीं हटाया गया।
विधायक ने कहा कि पुलिस चार्जशीट में उनके बेटे सुहेल इकबाल का नाम नहीं था। पुलिस की जांच वह निर्दोष निकला। इसके बावजूद न्यायिक आयोग की रिपोर्ट में उसका नाम शामिल किया गया है।
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उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि क्या आयोग ने केवल एफआईआर में नाम दर्ज होने के आधार पर निष्कर्ष निकाल लिया। विधायक ने कहा कि आयोग की जांच में 199 लोगों के बयान दर्ज हुए हैं। आयोग स्पष्ट करे कि उनके बेटे के खिलाफ कितने लोगों ने बयान दिए। आगे कहा कि रिपोर्ट पर केवल आयोग के अध्यक्ष के हस्ताक्षर हैं। दो अन्य सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं हैं। विधायक ने इस जांच को न्यायिक जांच मानने से इन्कार किया। कहा कि इसकी अध्यक्षता हाईकोर्ट के मौजूदा जज ने नहीं की है। इसलिए हम इससे सहमत नहीं हैं।

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संभल को बदनाम करने की साजिश... हिंदुओं ने नहीं किया पलायन
सपा विधायक ने कहा कि संभल में हिंदू-मुस्लिम भाईचारा हमेशा से बना रहा है। संभल से हिंदुओं का पलायन भी नहीं हुआ और किसी मंदिर को नुकसान नहीं हुआ है। खग्गू सराय के पुराने मंदिर के कपाट खुलने पर सामान और सिक्के सुरक्षित मिले थे, जिसकी पुष्टि पुजारी ने भी की थी।

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मस्जिद के हौद से पानी बहा तो फैली थी खोदाई की अफवाह
विधायक ने कहा कि जामा मस्जिद का सर्वे 19 नवंबर 2024 को हुआ था तो शांतिपूर्ण माहौल रहा। लोग तब भी पहुंचे थे। शांतिपूर्ण तरीके से टीम ने सर्वे किया और लौट गई थी। 24 नवंबर 2024 का सर्वे हुआ तो इसकी सूचना पहले कैसे लीक हुई, जिससे इतनी भीड़ जमा हो गई। विधायक ने कहा कि जब सर्वे के दौरान वजूखाने के हौद से पानी छोड़ा गया तो जामा मस्जिद में खोदाई की अफवाह फैल गई थी। इससे स्थिति बिगड़ी थी। विधायक ने कहा कि उस समय आम लोगों को भरोसे में लेना चाहिए था लेकिन पुलिस-प्रशासन ने नहीं लिया। बवाल में पांच लोगों की जान चली गई और मुसलमानों पर ही इल्जाम रख दिया।
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