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Sambhal News: दिलों में सुलग रही थी चिंगारी, भांप न सके अधिकारी

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संभल में बवाल के दाैरान उपद्रवियों ने कार में लगाई आग। - फोटो : संभल
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मुरादाबाद। संभल में हुए बवाल को भांपने में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी चूक गए। मंगलवार को हुए जामा मस्जिद के सर्वे के बाद से लोगों के दिलों में सुलग रही चिंगारी रविवार को जब टीम दोबारा सर्वे करने पहुंची तो शोला बन गई। जामा मस्जिद को जाने वाले रास्तों को बंद करना और दूसरे रास्तों पर बैरिकेडिंग की पुलिस की याेजना धराशायी हो गई। भीड़ के गुस्से से संभल झुलस गया और चार लोगों की जान चली गई।
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संभल जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर का विवाद पर्दे के पीछे काफी दिनों चल रहा था, लेकिन इस विवाद में कानूनी प्रक्रिया नहीं शुरू हो सकी थी। 19 नवंबर को जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर बताते हुए हिंदू पक्ष कोर्ट पहुंच गया और कोर्ट ने कमीशन गठित कर रिपोर्ट मांगी तो मामला लोगों के बीच पहुंचा।
एक ही दिन में वाद दाखिल कर जामा मस्जिद का सर्वे करा दिया गया। उसी दिन मस्जिद जाने वाले रास्तों को भी बंद कर दिया गया। वहीं 22 नवंबर को जुमे की नमाज अदा करने नमाजियों की भीड़ पहुंच गई। सभी को जामा मस्जिद में नमाज अदा करने का माैका नहीं मिला। करीब पांच हजार लोगों को वापस लाैटा दिया गया।
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पिछले पांच दिनों से चल रहे घटनाक्रम को लेकर लोगों में रोष बढ़ता गया, जिसे जिले के अधिकारी भांप नहीं पाए। रविवार को अचानक सर्वे करने टीम पहुंच गई तो गुस्सा भड़क गया और तोड़फोड़ व आगजनी हो गई। जुमे की नमाज शांतिपूर्वक निपटने के चलते रविवार को पुलिस ने बवाल से निपटने के लिए कोई खास तैयारी नहीं की थी।



संभल से मुरादाबाद तक का सूचना तंत्र फेल

पिछले पांच दिनों से संभल में जामा मस्जिद सर्वे को लेकर विवाद चल रहा था। नेता बयानबाजी भी कर रहे थे। पुलिस लोगों को मुचलकों में पाबंद भी कर रही थी, लेकिन बवाल को भांपने में अधिकारी नहीं बल्कि जिले से लेकर मंडल मुख्यालय तक का सूचना तंत्र भी फेल हो गया। रविवार जैसे बवाल का कोई इनपुट नहीं मिला था।
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