चंदौसी। तहसील में चपरासी पद पर कार्यरत कर्मचारी ने एक मई को जिलाधिकारी को पत्र भेजकर स्वेच्छा से सेवानिवृत्ति की मांग की थी। चपरासी का आरोप था कि तहसीलदार उनसे घर में देर रात तक कार्य कराते हैं और अक्सर गाली-गलौज करते हैं। तहसीलदार के व्यवहार से तंग आकर उसने यह कदम उठाया है। मगर दो सप्ताह बाद भी तहसीलदार पर कार्रवाई न होने पर चपरासी के पुत्र ने जिलाधिकारी को फिर से पत्र भेजकर पिता को सेवानिवृत्त करने और तहसीलदार पर कार्रवाई की मांग की है।
तहसील में कार्यरत चपरासी महेंद्र कुमार के पुत्र अनमोल ने जिलाधिकारी को भेजे पत्र में कहा है कि उनके पिता ने एक मई को एसडीएम के माध्यम से जिलाधिकारी को पत्र भेजा था। इसमें तहसीलदार व उनके नायब नाजिर पर प्रताड़ित व गाली-गलौज करने का आरोप लगाया था। इससे तंग आकर उनके पिता आत्महत्या करने को आतुर हो गए थे। काफी समझाने के बाद वह माने। उनकी मानसिक स्थिति अभी भी ठीक नहीं हैं। वह शुगर व बीपी के मरीज हैं। तहसीलदार द्वारा उनके पिता से अपने आवास पर देर रात तक कार्य कराया जाता है तथा गाली-गलौज की जाती थी। पिता द्वारा शिकायती पत्र भेजने के बाद जबरदस्ती तीन मई को उनसे माफीनामा लिखवा लिया गया। युवक ने कहा कि हम ही पीड़ित हैं और प्रशासन ने हमें ही गुनाहगार बना दिया। युवक ने जिलधिकारी से शीघ्र ही पिता को सेवानिवृत्त कर उनके पिता के जीवन रहते इंसाफ दिलाने की मांग की है।