जुनावई(संभल)। बीआरसी पर मंगलवार को प्रधान, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष व प्रधानाध्यापक की संगोष्ठी हुई। इसमें बीडीओ अखिलेश कुमार ने कहा कि प्रधानों को विद्यालयों के कायाकल्प को लेकर शिक्षकों का पूरा सहयोग करने के साथ ही विद्यालय के बड़े कार्यों में सहयोग करने की जरूरत है।
संगोष्ठी की शुरुआत में कस्तूरबा गांधी की छात्राओं ने सरस्वती वंदना व सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। खंड शिक्षा अधिकारी अरुण कुमार ने शिक्षकों को बताया कि विद्यालय के खाते में आने वाली कंपोजिट ग्रांट से विद्यालय में होने वाले छोटे-छोटे कार्यों को कराया जाए। बड़े कार्य के लिए समन्वय के माध्यम से ग्राम प्रधान का सहयोग लेकर विद्यालय में कार्य कराए जाएं। इसके साथ ही जर्जर भवन की नीलामी के बाद एमसी खाते में आई धनराशि को प्रधान एवं एसएमसी के साथ बैठक कर दोनों की सहमति के अनुसार विद्यालय के रखरखाव में खर्च की जा सकती है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक विद्यालय के बच्चों के खाते में 15 रुपये तो प्राथमिक विद्यालय के बच्चे के खाते में 20 रुपये प्रतिवर्ष चार्ट, माडल, खिलौने, एप्स, फ्लैश कार्ड, खरीदने के लिए टीएलएम के रूप में आते हैं।
एडीओ पंचायत कुलदीप कुमार एवं एआरपी चंद्रकेश कुमार द्वारा प्रधान एवं प्रधानाध्यापकों में समन्वय की बात रखी। साथ ही मिड डे मील बनाए जाने के लिए गैस सिलेंडरों की किल्लत को लेकर प्रधानाध्यापकों द्वारा सवाल उठाए गए। वहीं जुनावई ग्राम प्रधान पति पप्पू को शील्ड देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर बीडीओ अखिलेश कुमार,बीईओ अरुण कुमार, एडीओ पंचायत कुलदीप कुमार, अनिल कुमार शर्मा, दुर्वेश कुमार, अनुपम गुप्ता, पंकज कुमार सहित आदि मौजूद रहे।