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Sambhal News: नक्कारे की गूंज और नौटंकी की तान...गणेश चौथ मेले में बिखरे लोक संस्कृति के रंग

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चंदौसी। ऐतिहासिक गणेश चौथ मेला इस समय पूरे शबाब पर है। कई मंचों पर मनोरंजक कार्यक्रम, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और प्रतियोगिताएं चल रही हैं लेकिन इस बार नौटंकी भी मेले का आकर्षण बनी है। मेला प्रशासन ने इस बार पहल करते हुए मेले में नौटंकी की व्यवस्था की है। चारों तरफ गूंजती नक्कारे की थाप और मंच से उठती नौटंकी की पारंपरिक तान ने हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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मंच पर नक्कारे की गूंज के बीच जब फिल्मी गानों पर कलाकार ठुमके लगाते हैं तो दर्शक खुद को झूमने से रोक नहीं पाते। चटपटे संवाद, कॉमेडी और नृत्य का तड़का लोगों को खूब भा रहा है। कलाकारों को भरपूर इनाम भी मिल रहा है। मेले की शुरुआत 12 सितंबर को हुई थी और 14 सितंबर को भगवान गणेश की भव्य रथयात्रा पूरे शहर में धूमधाम से निकाली गई थी। इसके अगले दिन यानी 15 सितंबर से मेला परिसर में कोतवाली के बराबर बने विशाल पंडाल में नौटंकी का कार्यक्रम विधिवत रूप से शुरू हो गया था। तब से प्रतिदिन यहां दर्शकों की भारी भीड़ जुट रही है। खासकर नौटंकी के शौकीन ग्रामीण क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। रात को करीब नौ बजे शुरू होने वाली नौटंकी देर रात एक बजे तक चलती है।
ऐसे में दूर-दराज के गांवों से मेले में आने वाले लोगों को रात काटने के लिए यह एक बेहतर साधन मिल गया है। लोग रात भर नौटंकी का लुत्फ उठाते हैं और कार्यक्रम समाप्त होने के बाद कुछ घंटे पंडाल में ही आराम कर सुबह अपने-अपने गांवों की ओर निकल जाते हैं।इसी पंडाल के बराबर में वृंदावन से आए कलाकारों द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की रासलीला का मंचन भी किया जा रहा है। यह लीला भी देर रात तक चलती है और श्रद्धालुओं को भक्ति और मनोरंजन दोनों का संगम परोस रही है। कुल मिलाकर नौटंकी और रासलीला दोनों ही मंचों ने मेले की रौनक को दोगुना कर दिया है।
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रथयात्रा की झांकियों संग सेल्फी के लिए उमड़ रही भीड़
चंदौसी। बीती 14 सितंबर को भगवान गजानन की भव्य रथयात्रा के दौरान शहर में निकाली गई विशालकाय स्वचलित झांकियों को अब गणेश आश्रम में रखा गया है। जो लोग रथयात्रा के दौरान इन आकर्षक झांकियों को नहीं देख सके या फिर दोबारा देखने की इच्छा रखते हैं, उनके लिए यह सुनहरा मौका है।रथयात्रा के बाद से ही इन झांकियों को देखने के लिए गणेश आश्रम में दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। मेला देखने आने वाले लोग देर शाम से आधी रात तक झांकियों के पास जमे रहते हैं। खासकर युवा वर्ग में इन झांकियों के साथ सेल्फी और फोटो लेने का जबरदस्त क्रेज देखा जा रहा है।शाम ढलते ही आश्रम परिसर में चहल-पहल बढ़ जाती है और आधी रात तक युवाओं की भीड़ झांकियों के साथ सेल्फी लेती नजर आती है। स्वचलित और भव्य रूप से सजी इन झांकियों में धार्मिक कथाओं और भगवान गणेश के विभिन्न स्वरूपों को दर्शाया गया है, जो लोगों को खूब आकर्षित कर रही हैं।
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