संभल। संभल से गजरौला रेल लाइन के विस्तार की मांग से जोर पकड़ रही है। इस बार बजट से हर एक वर्ग को उम्मीदें हैं। व्यापारी भी रेल लाइन की मांग उठा रहे हैं। उनका कहना है कि रेल लाइन विस्तार होने से व्यापार तरक्की करेगा। दिल्ली और अन्य शहरों के लिए आवागमन का बेहतर साधन होने से दिक्कतें दूर हो जाएंगी।
संभल को एशिया की सबसे बड़ी मेंथा मंडी कहा जाता है। यहां आलू का उत्पादन भी बड़े पैमाने पर होता है। हैंडीक्राफ्ट कारोबार से भी इसकी पहचान देश और दुनिया में है। इसके अलावा कई तरह के व्यापार भी यहां होते हैं। इनसे संबंधित माल दिल्ली और अन्य शहरों से आता है लेकिन रेल लाइन नहीं होने की वजह से दिक्कतें होती हैं। हालांकि संभल को गजरौला रेल लाइन से जोड़ने की मांग वर्षों से उठ रही है मगर यह पूरी नहीं हो सकी। ऐसे में माल को लाने में न सिर्फ समय अधिक लगता है और खर्च भी ज्यादा आता है।
अब रेल बजट आने में कुछ दिन शेष हैं तो व्यापार संगठनों के पदाधिकारी और व्यापारी भी उम्मीद भरी निगाहों से केंद्र सरकार की तरफ देख रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार को वर्षों पुरानी रेल लाइन विस्तार की मांग पूरी करनी चाहिए। रेल लाइन मिल जाने से कारोबार तरक्की करेगा और दिक्कतें दूर हो जाएंगी।