चंदौसी। नियमित खानपान और खराब दिनचर्या से लोगों में फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। इसकी चपेट में युवा भी आ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इसके लिए बाहरी खानपान फास्टफूड आदि का सेवन माना जा रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हरवेंद्र सिंह ने बताया कि फैटी लिवर दो तरीके से एल्कोहलिक फैटी लीवर और नॉन एल्कोहलिक फैटी लिवर होता है। एल्कोहलिक फैटी लिवर सबसे अधिक होता है। यह मदिरा आदि के सेवन से होता है। जबकि नॉन एल्कोहलिक फैटी लिवर अधिकांश महिलाओं में होता है। महिलाओं में अधिक होता है। क्योंकि नॉन एल्कोहलिक फैटी लिवर चिकनाई युक्त खाद्य पदार्थ, फास्ट फूड आदि के सेवन से होता है।