चंदौसी। गुन्नौर विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी अजीत कुमार राजू को योगी लहर भी नहीं बचा पाई। पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने मोदी लहर में सपा के गढ़ में विजयी पताका फहराई थी। क्षेत्र में छुट्टा पशुओं की समस्या और यादव बिरादरी में टूट उनकी हार का कारण माना जा रहा है।
गुन्नौर विधानसभा सीट मुलायम और सपा का गढ़ मानी जाती है। यादव बाहुल्य सीट है। भाजपा ने मोदी लहर में विधायक बने अजीत कुमार राजू पर विश्वास जताया था। इस बार कुछ यादव उनसे छिटक गए। साथ ही अनुसूचित के जाति वोट में वह पकड़ नहीं बना पाए। पांच साल के कार्यकाल के दौरान जनता से सीधे संवाद की कमी रही। लोग खुलकर सामने नहीं आए और भीतर घात पूरी रही। इसके बावजूद अजीत कुमार राजू को 94440 वोट मिले हैं। वहीं गुन्नौर सीट से विजेता और सपा प्रत्याशी रामखिलाड़ी यादव को 123969 वोट मिले हैं।
इसके अलावा बसपा और कांग्रेस प्रत्याशी भी जनता पर ज्यादा प्रभाव नहीं डाल पाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा प्रत्याशी अजीत कुमार राजू के समर्थन में बबराला में जनसभा को संबोधित किया था। स्थानीय छुट्टा पशुओं की समस्या को सीएम ने मंच से संबोधित करते हुए उनका समाधान कराने की बात कही थी, लेकिन जनता ने सीएम की बात पर भी एतवार नहीं किया।