बहजोई। नगर पालिका परिषद के कई सभासदों की ओर से नगर पालिका परिषद के विकास कार्यों में अनियमितता का आरोप लगाते हुए डीएम को शिकायती पत्र दिया गया है। इसके अलावा पालिकाध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी की कार्य प्रणाली पर भी सवाल खड़े किए गए हैं। पूरे मामले में सभासदों की ओर से सात दिन में निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है। साथ ही सभासदों ने तय समय पर जांच व कार्रवाई न होने पर अपने पद से त्याग पत्र दिए जाने की बात भी कही है।
सोमवार को पालिका परिषद के कई सभासद कलक्ट्रेट पहुंचे और डीएम को शिकायती पत्र दिया। इसमें बताया गया कि नगर पालिका परिषद की ओर से कराए गए विकास कार्यों में भ्रष्टाचार व्याप्त है। शासन की ओर से विकास कार्यों को जारी की गई धनराशि का दुरुपयोग किया गया है। पालिका की बोर्ड बैठकों में भी सभासदों को कोई जानकारी नहीं दी जाती। इसको लेकर बीते दिनों सभासदों की ओर से कुछ बोर्ड बैठकों का बहिष्कार भी किया गया है। सभासदों का कहना था कि पूरे मामले की शिकायत पहले भी जिलाधिकारी दफ्तर में की जा चुकी है। मंडलायुक्त को भी शिकायती पत्र भेजा गया है।
बावजूद इसके अभी तक पूरे मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। इस बीच सभासदों की ओर से पालिकाध्यक्ष पर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किए जाने का भी आरोप लगाया गया। सभासदों का कहना था कि सात दिन में निष्पक्ष जांच व कार्रवाई न होने पर सभासद अपने पत्र से त्याग पत्र दे देंगे। शिकायती पत्र में पुष्पेंद्र नागर, हिमांशु, सर्वेश कुुमारी, बौबी, धर्म सिंह, योगेश टिल्ला, लक्ष्मी वाल्मीकि, बीना, शबाना, प्रेमशंकर, रजनीश शर्मा, कंहैय्यालाल व जितेंद्र यादव आदि सभासदों के नाम हैं।