चंदौसी कृषि उत्पादन मंडी समिति में क्रय केंद्रों पर खुले में रखा गेहूं।
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मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद कृषि उत्पादन मंडी समिति में हजारों क्विंटल गेहूं खुले में पड़ा है। ऐसे में यदि बरसात होती है, तो बड़ी मात्रा में गेहूं खराब हो सकता है। वहीं भंडारण के लिए विभाग ने व्यवस्था तो की है लेकिन वहां संसाधानों की कमी के कारण ट्रकों की बड़ी लंबी लाइन लगी हुई है। कई कई दिनों में ट्रकों से गेहूं का उतार हो रहा है।
खाद्य विभाग की लापरवाही से हजारों क्विंटल गेहूं खराब हो सकता है। क्योंकि कृषि उत्पादन मंडी समिति में लगभग दस हजार क्विंटल से अधिक गेहूं खुले में पड़ा हुआ है। मौसम विभाग पहले ही बरसात की चेतावनी दे चुका है। खुलेे में गेहूं पड़े होने के पीछे मुख्य कारण गेहूं का गोदामों पर उतार न होना है।
गोदामों पर गेहूं उतर नहीं रहा है। ट्रकों को लाइन में लग चार चार दिन लग रहे हैं। जबकि किसान लगातार खरीद केंद्र पर गेहूं ला रहा है। ऐसे में खरीद केंद्र प्रभारी के सामने खुले में गेहूं डाल रहे है। खाद्य विभाग ने भंडारण की व्यवस्था तो की है लेकिन संसाधनों की कमी के कारण गोदामों पर गेहूं का उतार नहीं हो पा रहा है।
खाद्य विभाग ने एक अप्रैल से अब एक मई तक करीब साढ़े तीन लाख क्विंटल गेहूं की खरीदा है। जबकि गोदामो में अभी तक ढाई लाख क्विंटल गेहूं ही उतर सका है। ऐसे में हाल में उसके पास एक लाख क्विंटल गेहूं और उतारना है। जबकि विभाग के बबराला, असालतपुर जारई व बहजोई के गोदाम भर चुके है।
ऐसे में खाद्य विभाग को उतार के लिए व्यवस्था में लगा हुआ है। अब विभाग मंडी समिति के सामने एफसीआई के गोदाम में गेहूं का उतार करेगा। जिसमें सीडब्लूसी के एक व दो तथा एफसीआई का एक गोदाम में गेहूं उतारने की व्यवस्था कराई जा रही है। जिसमें करीब साढ़े आठ लाख क्विंटल गेहूं का उतार होगा। अगर विभाग ने शीघ्र ही गेहूं के उतार की व्यवस्था नहीं की तो हजारों क्विंटल गेहूं बर्बाद हो सकता है।