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Sambhal News: संभल बवाल मामले में पुलिसकर्मियों पर रिपोर्ट के न्यायिक आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती

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संभल। संभल बवाल मामले में तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी, कोतवाल अनुज तोमर समेत 22 पुलिसकर्मियों पर एफआईआर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) के आदेश की प्रतिक्रिया में हाईकोर्ट में रिवीजन की अर्जी पेश की गई है। संभल के एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि सरकार की ओर से नियोजित रिवीजन में सीजेएम के आदेश को निरस्त करने की मांग की गई है। हालांकि इस पर हाईकोर्ट में अभी सुनवाई होना बाकी है।
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सीजेएम कोर्ट में यह मामला संभल के खग्गू सराय निवासी यामीन की अर्जी से पहुंचा था। यामीन का कहना था कि 24 नवंबर 2024 की सुबह उनका बेटा आलम बिस्कुट का ठेला लेकर घर से निकला था। दूसरी ओर संभल जामा मस्जिद पर सर्वे के दौरान भीड़ जुटी थी। यामीन का आरोप है कि तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी और कोतवाल अनुज तोमर समेत कई पुलिसकर्मियों ने भीड़ पर गोलियां चलाना शुरू कर दिया था। उनके बेटे आलम को भी पुलिस की तीन गोलियां लगी थीं। आलम को मुल्जिम बना लेने के कारण पुलिस के डर से पता छिपाकर उसका मेरठ में इलाज कराया था।



संभल के सीजेएम की अदालत से इस अर्जी पर नौ जनवरी को 22 पुलिसकर्मियों पर रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश होते ही महकमे में हड़कंप मच गया था। एसपी ने तभी इस आदेश के खिलाफ ऊपरी अदालत जाने की बात कही थी। बुधवार को एसपी ने बताया कि सरकार की ओर से हाईकोर्ट में रिवीजन नियोजित किया गया है। निचली अदालत के आदेश को निरस्त करने की मांग की है। तत्कालीन सीओ और कोतवाल ने भी हाईकोर्ट से इस आदेश को निरस्त करने की मांग की है।
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इस बीच पुलिसकर्मियों पर एफआईआर का आदेश आने के कुछ दिन बाद ही आदेश देने वाले तत्कालीन सीजेएम विभांशु सुधीर का सुल्तानपुर तबादला हो गया था। तब यह मामला खूब चर्चाओं में आ गया था और कई शहरों में अधिवक्ताओं ने तबादले पर सवाल उठाते हुए उच्चाधिकारियों को ज्ञापन दिए थे।



अब फिरोजाबाद में एएसपी हैं अनुज चौधरी



संभल। संभल के तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी प्रमोशन के बाद एएसपी हो गए हैं। वर्तमान में फिरोजाबाद में तैनात हैं। संभल के तब के कोतवाल अनुज तोमर अब चंदौसी के कोतवाल हैं। पता चला है कि इस मामले में अनुज चौधरी व अनुज तोमर ने भी निजी अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। अपने खिलाफ जारी आदेश को निरस्त करने की मांग की है। कुल 22 पुलिसकर्मियाें पर हुए रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश में दोनों अनुज के अलावा अन्य पुलिसकर्मी अज्ञात हैं।

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पुलिस ने नहीं चलाई गोलीः एसपी



एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई का कहना है कि पुलिसकर्मियों पर एफआईआर के न्यायिक आदेश पर हाईकोर्ट में सरकार ने रिवीजन नियोजित किया है। इसके जरिये सीजेएम के आदेश निरस्त करने की मांग की है। जो आरोप पुलिस पर लगे हैं, वह बेबुनियाद हैं। पुलिस ने गोली नहीं चलाई। बल्कि आरोप लगा रहे व्यक्ति का बेटा बवाल में आरोपी है।
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