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बीमा कंपनी ने पहले क्लेम को फर्जी बताया, अब अदा करनी पड़ी बीमित राशि

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बिरला सन लाइफ इंश्योरेंस कंपनी ने बीमाधारक की मृत्यु होने पर नॉमिनी द्वारा मांगे क्लेम को पहले न सिर्फ फर्जी बताया, बल्कि नॉमिनी के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज करा दी। मामला उपभोक्ता आयोग में पहुंचा और सुनवाई हुई। हकीकत सामने आई तो बीमा कंपनी पलट गई। आयोग के आदेश पर बीमा धारक के नॉमिनी को छह लाख रुपये अदा किए।
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दरअसल, चंदौसी तहसील क्षेत्र के गांव धुतरा शेख निवासी प्रकाश पुत्र राजपाल ने 13 मई-2017 में बिरला सन लाइफ इंश्योरेंस कंपनी से विजन लाइफ इनकम नामक बीमा पालिसी खरीदी थी। 31 मई- 2017 प्रकाश की हार्ट अटैक से आकस्मिक मृत्यु हो गई। पॉलिसी में पत्नी रुकमणी नॉमिनी थी, इसलिए उसने बीमा कंपनी से बीमा धनराशि देने के लिए क्लेम किया। इस पर बीमा कंपनी के अधिकारियों ने बीमाधारक की पत्नी रुकमणी के खिलाफ गुन्नौर में फर्जी क्लेम के आरोप में रिपोर्ट दर्ज करा दी, लेकिन नॉमिनी रुकी नहीं और मामले को लेकर उपभोक्ता आयोग पहुंच गई। अधिवक्ता देवेंद्र वार्ष्णेय के माध्यम से मुकदमा लड़ा और जीत गईं। बीमा कंपनी ने अपनी गलती मानते हुए बीमा धनराशि 6 लाख रुपये जमा कर दिए। अधिवक्ता देवेंद्र वार्ष्णेय ने बताया कि नॉमिनी के खिलाफ फर्जी मुकदमा कराने के मामले में अलग से कार्रवाई की जा रही है।
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