चंदौसी। न्यायालय ने बहजोई के वर्ष 2023 में हुए दहेज हत्या के मामले में पति व सास को दोषी करार देते हुए फैसला सुरक्षित कर लिया है। इस मामले में शनिवार को सजा सुनाई जानी थी लेकिन तबीयत खराब होने की वजह से अभियुक्त जिला कारागार मुरादाबाद से नहीं आ सकी। इससे न्यायालय ने 20 अप्रैल दिन सोमवार को सजा सुनाई जाने की तिथि नियत कर दी है। मुकदमे की सुनवाई एडीजे एससी/एसटी कोर्ट रागिनी सिंह के न्यायालय में चल रही है।
थाना बहजोई के गांव चिरौली भगवंतपुर के रहने वाले कृष्णा शर्मा ने पुलिस को एक तहरीर दी थी। इसमें कहा था कि उसने अपनी पुत्री अनुपम शर्मा की शादी 13 वर्ष पहले सचिन शर्मा निवासी ब्रह्म बाजार बहजोई के साथ हिंदू रीति रिवाज से की थी। हैसियत के अनुसार दान दहेज भी दिया था। शादी के बाद से ही पति सचिन और सास रानी देवी समेत ससुरालियों का व्यवहार अच्छा नहीं रहा। पुत्री इज्जत की खातिर सब सहती रही। पुत्री के दो संतान पुत्र ध्रुव शर्मा व पुत्री वैष्णवी हैं।
चार जुलाई 2023 की रात साढ़े 11 बजे रिश्तेदार ने फोन पर जानकारी दी कि बहजोई के निजी अस्पताल में अनुपम शर्मा की मृत्यु हो गई है। सूचना पर वह और मायके वाले अस्पताल पहुंचे तो देखा की अनुपम के गले में निशान थे। दहेज हत्या की आशंका में पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इस मामले में पुलिस ने पति सचिन शर्मा, सास रानी शर्मा समेत छह लोगों के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली।
विवेचना में साक्ष्य जुटा कर पति सचिन व सास रानी देवी के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। मुकदमे की सुनवाई एडीजे एससी/एसटी कोर्ट रागिनी सिंह के न्यायालय में चल रही है। न्यायालय ने शुक्रवार को पति व सास को दोषी करार देते हुए फैसला सुरक्षित कर लिया था।
एडीजीसी हरिओम प्रकाश उर्फ हरीश सैनी और एडीजीसी रीता ने बताया मामले में शनिवार को सजा सुनाई जानी थी लेकिन तबीयत खराब होने की वजह से शनिवार को अभियुक्त सचिन न्यायालय में उपस्थित नहीं हो सका। जिससे न्यायालय ने सजा सुनाने के लिए 20 अप्रैल की तिथि नियत कर दी है।