संभल। गंगा एक्सप्रेसवे के पास औद्योगिक गलियारे में प्लॉट आवंटन संभल के कारोबारियों की प्लॉट की उम्मीद धूमिल होती नजर आ रही है। यूपीडा की ओर से 12500 स्क्वायर मीटर का प्लॉट आवंटित किया जा रहा है, जबकि कारोबारियों ने एक हजार से दो हजार स्क्वायर मीटर के प्लॉट की मांग की है। शासन से भी इसकी मांग की जा चुकी है, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
खिरनी मोहिउद्दीनपुर इंटरचेंज के पास करीब 500 हेक्टेयर जमीन में औद्योगिक गलियारा यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) द्वारा विकसित किया जाना है। पहले चरण के तहत प्लाॅट आवंटित किए जा रहे हैं। फिलहाल 12500 स्क्वायर मीटर का प्लॉट मिल रहा है। इसके लिए 4640 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर तय है। इस प्लॉट को पाने के लिए 5.80 करोड़ रुपये चुकाने होंगे। इसके अलावा अन्य खर्च लगाकर करीब छह करोड़ रुपये दिए जाने हैं। 99 वर्ष की लीज पर प्लॉट आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू की है। छह करोड़ रुपये पांच वर्ष में 10 किस्तों में अदा करने हैं। बुकिंग के लिए पहली किस्त जमा कराई जा रही है।
आईआईए की ओर से लगातार मांग की जा रही है कि संभल के छोटे और मध्यम उद्योग को ध्यान में रखते हुए प्लॉट आवंटित किए जाएं। क्योंकि हस्तशिल्प के छोटे और मध्यम कारखाने सरायतरीन के गली मोहल्लों में संचालित हो रहे हैं। इसी तरह मेंथा की फैक्टरी की स्थिति है। इसलिए छोटे प्लॉट आवंटित होने चाहिए।
240 हेक्टेयर भूमि से बढ़कर 500 हेक्टेयर हुआ दायरा
गांव खिरनी मोहिउद्दीनपुर, बसला, सारंगपुर और अमावती कुतुबपुर में करीब 240 हेक्टेयर भूमि औद्योगिक गलियारे के लिए क्रय की गई थी, लेकिन बाद में यूपीडा की ओर से मांग बढ़ा दी गई। अब करीब 500 हेक्टेयर भूमि में विकसित किया जाना है। अभी तो औद्योगिक गलियारे को विकसित करने की प्रक्रिया भी शुरू नहीं की गई है।
हड्डी-सींग के हस्तशिल्प और मेंथा उत्पाद हैं संभल की पहचान
संभल में तैयार होने वाले हड्डी व सींग के हस्तशिल्प उत्पाद की दुनियाभर में पहचान है। इसी तरह प्रदेश में पहले नंबर पर मेंथा निर्यात पिछले वित्तीय वर्ष में किया गया था। यह दोनों कारोबार बड़े जरूर हैं लेकिन ज्यादातर इकाइयां छोटी हैं। शहर से बाहर इन इकाइयों को शिफ्ट किया जाना है। क्योंकि सभी इकाइयां घनी आबादी के बीच हैं। इससे हादसों का खतरा रहता है। कई आग लगने के हादसे भी हो चुके हैं।
-प्रशासन के सामने कई बार अलग-अलग बैठक के दौरान यह मांग उठा चुके हैं कि छोटे प्लॉट आवंटित किए जाएं। जिससे छोटी इकाइयां भी स्थापित हो सकें। इससे जिले के कारोबारियों को बड़ी राहत मिलेगी। -अरविंद अरोरा, पूर्व चैप्टर चेयरमैन, आईआईए
-बड़े प्लॉट आवंटित किए जा रहे हं। संभल से करीब 40 आवेदन किए गए हैं। सभी आवेदन छोटे प्लॉट के लिए हैं। उद्योगबंधु की बैठक में भी यह मांग उठाई थी। हमारी मांग है कि एक से दो हजार स्क्वायर मीटर का प्लॉट दिया जाए। जिससे जिले के कारोबारियों को राहत मिल सके। -कमल कौशल वार्ष्णेय, मंडलीय सचिव, आईआईए
-छोटे प्लॉट आवंटित नहीं होंगे तो छोटे कारोबारियों को मुश्किल हो जाएगी। इसलिए यूपीडा को संभल के छोटे कारोबारियों के हित में निर्णय लेना चाहिए। जिससे राहत मिल सके। बड़े प्लॉट के साथ ही छोटे प्लॉट आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए। -पूर्वी वार्ष्णेय, हस्तशिल्प कारोबारी, संभल
-जिले के कारोबारियों के द्वारा मांग की गई है कि छोटे प्लॉट आवंटित किए जाएं। इस मांग पत्र को शासन में भेज दिया गया है। उम्मीद है कि जल्द इस पर निर्णय होगा। - प्रदीप वर्मा, एडीएम, संभल