चंदौसी। संभल की शाही जामा मस्जिद के हरिहर मंदिर होने के दावे को लेकर दायर किए गए वाद के मामले में बृहस्पतिवार को चंदौसी स्थित सिविल जज सीनियर डिवीजन आदित्य सिंह के न्यायालय में सुनवाई हुई। दोनों पक्ष से लोग न्यायालय पहुंचे। सुप्रीम कोर्ट में स्टे का ऑर्डर दाखिल किया गया। इसके कारण सुनवाई नहीं हुई। न्यायालय ने सुनवाई के लिए अगली तारीख 6 नवंबर नियत की है।
संभल में 19 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद के हरिहर मंदिर होने के दावे को लेकर केला देवी मंदिर के महंत ऋषिराज गिरी, अधिवक्ता हरिशंकर जैन समेत आठ लोगों ने सिविल जज सीनियर डिवीजन जनपद संभल स्थित चंदौसी आदित्य सिंह के न्यायालय में वाद दायर किया था। बृहस्पतिवार को न्यायालय में मुकदमे पर सुनवाई हुई। दोनों पक्ष न्यायालय पहुंचे।
एक पक्ष से जिला शासकीय अधिवक्ता प्रिंस शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट का स्टे ऑर्डर दाखिल किया। मस्जिद इंतजामिया कमेटी के अधिवक्ता शकील अहमद वारसी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में स्टे को लेकर सुनवाई नहीं हुई। न्यायालय ने सुनवाई के लिए अगली तारीख छह नवंबर नियत कर दी है।
सिमरन गुप्ता के पक्षकार बनने के प्रार्थना पत्र पर भी छह नवंबर को होगी सुनवाई
चंदौसी। संभल की शाही जामा मस्जिद के हरिहर मंदिर होने के दावे के मामले दायर किए गए मुकदमे में पक्षकार बनने के लिए सिमरन गुप्ता ने सिविल जज सीनियर डिवीजन जनपद संभल स्थित चंदौसी आदित्य सिंह के न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था। जिसमें उनका कहना है कि हम सनातनी हैं हमें भी उक्त मुकदमे में पक्षकार बनाया जाए। इस मामले में भी न्यायालय ने सुनवाई के लिए छह नवंबर की तारीख नियत की है।