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Sambhal News: लापरवाही बरतने पर डीपीआरओ को शासन ने किया निलंबित

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संभल। जिला पंचायत राज अधिकारी उपेंद्र कुमार पांडेय को शासन ने शुक्रवार की शाम निलंबित कर दिया है। उन पर विभागीय कार्यों में लापरवाही बरतने और उच्च अधिकारियों को भ्रामक सूचनाएं देने का आरोप है। निलंबन अवधि में पंचायतीराज निदेशालय में संबद्ध किया गया है। डीपीआरओ पर लगे आरोप की जांच पंचायतीराज निदेशालय के संयुक्त निदेशक संजय कुमार बरनवाल को सौंपी गई है।डीपीआरओ पर आरोप है कि उन्होंने वित्तीय वर्ष 2024-25 में मार्च तक की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। समीक्षा बैठक में पाया था कि संभल जनपद में सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित आंकड़ों के अनुसार स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), फेज-2, ओडीएफ प्लस फेज-2 के अंतर्गत निर्मित कराए गए आरआरसी व कूड़ा कलेक्शन कार्यों की प्रगति तथा सामुदायिक शौचालय के रखरखाव के लिए केयर टेकर के भुगतान की प्रगति खराब थी। केयर टेकर के मानदेय भुगतान की उच्चाधिकारियों को भ्रामक सूचना देकर गुमराह किया गया था।
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उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना व प्रकरणों में रुचि न लेने की पुष्टि हुई थी। डीएम ने छह जून को इसकी संस्तुति करते हुए रिपोर्ट शासन को भेजी थी। इसके चलते निलंबन की कार्रवाई की गई है। जांच अधिकारी से एक महीने में रिपोर्ट मांगी गई है।
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भ्रष्टाचार के आरोप में घिरे, अमरोहा के सीडीओ ने शुरू की थी जांच
गुन्नौर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा से पूर्व विधायक अजीत कुमार उर्फ राजू ने भी भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए शासन से शिकायत की थी। उस शिकायत में जांच अमरोहा के सीडीओ के नेतृत्व में शुरू की गई थी। हालांकि वह जांच ठंडे बस्ते में चली गई। इसी तरह की कई शिकायतें डीएम के सामने पहुंची थीं।
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लगातार मिलती शिकायतों और विभागीय कार्यों में लापरवाही बरतने पर डीपीआरओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा था। उसी क्रम में शासन से डीपीआरओ को निलंबित किया गया है। अब एडीपीआरओ को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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डॉ. राजेंद्र पैंसिया, डीएम, संभल
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