संभल। मनरेगा मजदूरी में घपलेबाजी के मामले में पवांसा के बीडीओ अमरजीत सिंह ने रोजगार सेवक विजेंद्र सिंह का अक्तूबर माह का मानदेय रोक दिया है। साथ ही, नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर सेवा समाप्ति की चेतावनी दी गई है। वहीं, दूसरी ओर रोजगार सेवक का कहना है कि 20 जुलाई से उनका मोबाइल मॉनिटरिंग एप बंद पड़ा है। इसको बीडीओ ने शिकायत के आधार पर बंद कराया था। उसके बाद से उन्होंने मनरेगा का कोई कार्य नहीं कराया है। रोजगार सेवक का कहना है कि उनके खिलाफ गलत कार्रवाई की गई है। जिसने मॉडल शॉप का कार्य कराया है उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
बीडीओ की ओर जारी नोटिस में कहा गया है कि गांव मुजफ्फरपुर के रोजगार सेवक के द्वारा मनरेगा कार्य की समीक्षा के दौरान पाया कि ग्राम पंचायत में मॉडल शॉप और पौधरोपण के अतिरिक्त अन्य कोई कार्य नहीं कराया गया। अब तक सिर्फ 164 मानव दिवस ही सृजित किए गए हैं, जो मॉडल शॉप पर आठ और पौधरोपण पर 111 मानव दिवस, जबकि शेष 45 मानव दिवस अन्य कार्यों पर सृजित किए गए हैं।
इधर, ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव के द्वारा अवगत कराया गया कि मॉडल शॉप के निर्माण कार्य में कोई सहयोग नहीं किया गया। कई बार निर्देशित किया गया लेकिन कोई सुधार नहीं आया। कार्यों में लापरवाही और उच्च अधिकारियों के आदेशों का पालन नहीं करने व मनमाने ढंग से कार्य करने पर माह अक्तूबर के मानदेय पर रोक लगाई गई है। साथ ही, स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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गांव मुजफ्फरपुर में मनरेगा कार्यक्रम में लगातार लापरवाही बरतने के मामले में बीडीओ के द्वारा रोजगार सेवक को स्पष्टीकरण के लिए नोटिस जारी किया गया है। रोजगार सेवक के द्वारा स्पष्टीकरण में क्या बताया जाता है उसके बाद ही आगे की जानकारी की जाएगी। मोबाइल मॉनिटरिंग एप की स्थित की भी जानकारी स्पष्टीकरण में दे सकते हैं।
रामआशीष, डीडीओ, संभल