संभल। शारदीय नवरात्र में भक्तों ने शनिवार को मां दुर्गा की पूजा अर्चना की। देवी मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ी। माता रानी के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा। पुरुष और महिला पुलिस कर्मियों ने सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाई। शाम को आरती के वक्त भी मंदिरों में भक्तों की भीड़ रही।
मोहल्ला हल्लू सराय में स्थित चामुंडा मंदिर में शनिवार को सुबह चार बजे से ही भक्त पूजा अर्चना के लिए पहुंचे। भक्तों ने विधि विधान से मां दुर्गा के स्वरूप स्कंदमाता की पूजा करते हुए मनोकामना मांगी। माता रानी के जयकारे लगाए। महंत मुरली सिंह ने शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा के स्वरूपों की पूजा का महत्व बताया। शाम को भी आरती में भक्तों ने हिस्सा लिया। वहीं हयातनगर के चामुंडा मंदिर और घुंघावली के चामुंडा मंदिर में भी बड़ी संख्या में भक्तों ने पूजा अर्चना करते हुए मनौती मांगी। महिला भक्तों ने माता रानी के भजनों की प्रस्तुति भी दी।
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जगदंबा ही भक्तों की तारणहार : श्रीमाली
संभल। शिव गोरख मंदिर समिति की ओर से श्री कल्कि पधारो धरती पर शृंखला के तहत पंडित राधेश्याम श्रीमाली के नेतृत्व में मां दुर्गा स्तवन के छठे दिन पंजू सराय में स्थित दुर्गा भवन में अमरोहा जिला इकाई अध्यक्ष आनंद सैनी व राजवती सैनी ने मां दुर्गा के स्वरूप स्कंदमाता को पांच वर्ष की कन्या का पूजन कर सामग्री से यज्ञ में 21 हजार 600 आहुतियां प्रदान की। यज्ञाचार्य डॉ. योगी नागेंद्र मोहन श्रीमाली ने कहा कि स्कंदमाता अक्षरों से शब्द और शब्दों से वाक्यों का निर्माण कर भाषा की जननी हैं। ब्रह्म की 10 महाविद्याएं हैं, जिनमें नवदेवी नवरात्र में पूजी जाती हैं। जबकि ब्रह्म की 10वीं महाविद्या आदिशक्ति प्रकृति स्वरूपा जगदंबा जगत जननी तो हैं ही, साथ ही जगत का पालन पोषण और भक्तों की तारणहार भी हैं। इस दौरान डॉ. सुरेश चंद्र सैनी, रामवीर शर्मा, कैलाश चंद्र, कृष्णा मोहन, आकाश सैनी, नरेश सैनी, ज्वालेश श्रीमाली, आनंद सैनी आदि रहे। संवाद