जुनावई के गांव पतरिया में बारिश के चलते शुक्रवार की सुबह साढ़े पांच बजे एक मकान गिर गया। मलबे में मां-बेटा दब गए। मकान गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़े। कड़ी मशक्कत के मलबे में दबी महिला और युवक को निकाला गया, लेकिन तब युवक की मौत हो चुकी थी। वहीं, महिला को गंभीरावस्था में अलीगढ़ रेफर किया गया है।
पतरिया गांव निवासी विद्यावती देवी (50) पति रमेश यादव की मौत के बाद बेटे शुभन कुमार और मनोज कुमार के साथ कच्चे मकान में रहती है। गुुरुवार की रात को जुनावई क्षेत्र में बारिश शुरू हुई, जो शुक्रवार की सुबह तक होती रही। बारिश से विद्यावती का मकान गिर गया। मलबे में मां-बेटा दब गए।
मकान ढहने की आवाज पड़ोसी रामपाल ने सुनी तो घर के बाहर आकर शोर मचाया। शोर सुनकर आसपास के लोग पीड़ितों की मदद को दौड़े। ग्रामीणों ने मलबा हटाना शुरू किया। ग्रामीणों को मलबा हटाने में करीब आधा घंटा लग गया। ग्रामीण महिला और युवक को लेकर जुनावई सीएचसी गए, जहां चिकित्साधिकारी डा. मनोज कुमार शुभन को मृत घोषित कर दिया।
वहीं, महिला की हालत गंभीर होने पर उसे अलीगढ़ मेडिकल कालेज के लिए रेफर कर दिया। सूचना पर उप जिलाधिकारी ओमवीर सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि मृतक परिवार को आपदा राहत कोष से चार लाख रुपये का चेक और एक प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक घर दिया जाएगा। इसके अलावा घायल महिला के इलाज का खर्चा प्रशासन उठाएगा। पीड़ित हर संभव मदद की जाएगी। उधर, पुलिस ने युवक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।