चंदौसी। मुआवजे के सवाल पर आठ दिन से धरना दे रहे किसानों के मामले में अपर जिलाधिकारी सत्यप्रिय सिंह तीन दिन में जांच कराएंगे। सब रजिस्ट्रार से जांच कराने के बाद एसडीएम आख्या देंगे। जांच रिपोर्ट के आधार पर किसानों की मांग का समाधान निकाला जाएगा। किसान 7 जुलाई से तहसील मुख्यालय पर धरना दे रहे हैं।
राष्ट्रीय किसान संघर्ष समिति (अराजनैतिक) के बैनर तले किसान धरने पर बैठे हैं। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामेश्वर दयाल शर्मा ने मंगलवार को बताया कि जारई के प्लेज पार्क से बनियाठेर तक फोर लेन सड़क बनाने के लिए कुछ किसानों की जमीन अधिग्रहीत की जानी है। कृषि भूमि के सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा देने की बात अधिकारी कर रहे हैं जबकि प्लेज पार्क से 50 मीटर के दायरे के भू-स्वामी किसानों को आबादी क्षेत्र की भूमि का सर्किल रेट मिलना चाहिए।
सर्किल रेट की जिस नियमावली से बैनामे हो रहे हैं, मुआवजा तय करते समय उसी नियमावली का पालन कराने की मांग किसान कर रहे हैं लेकिन अधिकारी अधिग्रहण में इस नियमावली की अनदेखी कर रहे हैं। इसलिए किसान धरने पर हैं। धरने के दौरान अधिकारी नहीं पहुंचे तो मंगलवार को बहजोई स्थित कलक्ट्रेट में किसानों का प्रतिनिधिमंडल एडीएम से मिला। एडीएम से वार्ता सकारात्मक रही। एडीएम ने तीन दिन में जांच पूरी कराने का भरोसा दिया। उम्मीद है कि अब नियमों का पालन हो सकेगा। वार्ता के बाद किसानों की बैठक हुई। बैठक में तय किया कि जांच होने तक धरना जारी रहेगा। वार्ता में जिलाध्यक्ष राहुल कश्यप व अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।
कोट-
किसान प्रतिनिधियों से वार्ता हुई है। तीन दिन में जांच रिपोर्ट मांगी गई है। जांच के निष्कर्ष के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।
— सत्यप्रिय सिंह, अपर जिलाधिकारी