चंदौसी। संगठित गिरोह बनाकर हत्या, लूट, डकैती, हत्या का प्रयास के मामले में न्यायालय ने गैंगस्टर के आरोपी को सात वर्ष की सजा तथा दस हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया है। आरोपी जनपद मुरादाबाद के थाना बिलारी के गांव थांवला का निवासी है। जिस पर अपने थाना क्षेत्र के अलावा अन्य जनपदों में भी घटनाओं को अंजाम देने के आरोप में कई थानों में मुकदमे पंजीकृत है।
जनपद मुरादाबाद के थाना बिलारी के गांव थांवला निवासी अतीक उर्फ लंबा पर थाना क्षेत्र के अलावा अन्य जनपदों में भी गिरोह बनाकर लूटपाट, डकैती, हत्या, हत्या का आरोप जैसे मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध अगस्त 2015 में गुंडा एक्ट की कार्रवाई की थी। तभी से आरोपी जेल में था और मामला न्यायालय में चल रहा था। मंगलवार को एसपीओ धनंजय पांडे ने बताया कि थानाध्यक्ष बनियाठेर प्रदीप कुमार यादव ने 31 अगस्त 2015 को थाने में रिपोर्ट लिखाई थी।
अतीक उर्फ लंबा की लीडरशिप में बबलू, अबरार निवासीगण गांव थांवला थाना बिलारी, शुक्ला उर्फ मुराद अली गांव तुरखेड़ा थाना बिलारी ने मिलकर एक संगठित गिरोह बना रखा है। जो चोरी, लूट, हत्या, नकबजनी, हत्या का प्रयास जैसे जघन्य अपराधों को अंजाम देते हैं। आरोपियों ने एक फरवरी 2015 को भी भैंस खरीदने जाते समय चांद मोहम्मद निवासी थांवला के भाई उस्मान को गोली मारकर घायल कर दिया था। इन अभियुक्तों पर थाना बनियाठेर, थाना बिलारी में बहुत से जघन्य अपराधों में मुकदमे पंजीकृत हैं। इस कारण गैंग लीडर अतीक उर्फ लंबा पर गैंगस्टर कार्रवाई की थी। अदालत में सुनवाई के दौरान अतीक उर्फ लंबा को आरोपी पाया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) निर्भय नारायण राय ने अतीक उर्फ लंबा को गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम की धारा के अंतर्गत सात वर्ष के कारावास तथा दस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।