अलकायदा के आतंकी नेटवर्क में संभल निवासीसनाउल उर्फ मौलाना आसिम उमर के साथ आठ युवाओं के नाम आने के बाद खुफिया एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं। बताया गया है कि खुफिया एजेंसियों ने सनाउल के करीबियों से पूछताछ की गई है। उधर, परिजनों का कहना है कि, देवबंद में पढ़ाई के बाद वह घर नहीं लौटा। खुफिया एजेंसियां करीबियों के बयानों की सत्यता की पड़ताल कर रही हैं।
संभल खुफिया एजेंसियों की राडार पर है। हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में कुछ नाम सामने आने के बाद एजेंसियों ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। इनके घरों के आसपास खुफिया एजेंसियों ने सक्रियता बढ़ा दी है। आतंकियों के स्थानीय कनेक्शन तलाशे जा रहे हैं। आतंकियों की वैश्विक सूची में संभल निवासी सनाउल उर्फ मौलाना आसिम उमर का नाम आने के बाद संभल में स्थानीय खुफिया एजेंसियां उससे संबंधित जानकारियों को एकत्र कर रही हैं।
इस संबंध में उन्हें स्टेट हेडक्वार्टर से निर्देश मिले हुए हैं, हालांकि इस बारे में कोई भी अधिकारी कुछ बोलने के लिए राजी नहीं है। वैसे संभल के आठ युवकों के अलकायदा नेटवर्क से जुड़े होने की जानकारी खुफिया एजेंसियों के पास है। इनसे जुड़े कुछ लोगों पर भी खुफिया नजर है। सूत्रों का कहना है कि, आतंकियों की वैश्विक सूची में शामिल संभल के सनाउल उर्फ मौलाना आसिम उमर के परिजनों और परिचितों से खुफिया एजेंसियों ने जानकारी लेने का प्रयास किया है। हालांकि परिजनों ने कहा कि 1991 से उनका उससे कोई संपर्क नहीं है।
परिजन बोले- देवबंद में पढ़ाई के बाद घर नहीं लौटा
परिजनों का कहना है कि, सनाउल आठवीं कक्षा तक संभल में पढ़ा और इसके बाद वह हाफिज और मौलवी की पढ़ाई के लिए देवबंद चला गया था। परिजनों ने खुफिया एजेंसी के प्रतिनिधि को बताया कि सनाउल देवबंद जाने के बाद नहीं लौटा। वह कहां है और कहां था? इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
करीब सात वर्ष पहले दिल्ली से खुफिया एजेंसियों के अधिकारी आए थे। उन्होंने नखासा थाने से सनाउल के बारे में रिकार्ड हासिल किया था। स्थानीय अधिकारियों और परिजनों से बातचीत की थी। खुफिया एजेंसियों से ही उन्हें पता लगा था कि सनाउल उर्फ आसिम उमर के पाकिस्तान या वजीरीस्तान में होने की आशंका है लेकिन उनका अब तक उससे कोई संपर्क नहीं हो पाया है।
संभल में देश और प्रदेश की खुफिया एजेंसियों से हाल-फिलहाल कोई नया इनपुट नहीं दिया है लेकिन फिर भी एहतियाती तौर पर पुलिस और खुफिया तंत्र सक्रिय है क्योंकि अतीत में आतंकी नेटवर्क के साथ यहां के कुछ लोगों का नाम जुड़ा था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच ने दो लोगों को गिरफ्तार भी किया था। इस मामले में मैंने स्थानीय स्तर पर खुफिया तंत्र को सतर्कता और निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। - सभाराज यादव, पुलिस अधीक्षक संभल।
जाकिर नाइक की तकरीरें भड़काऊ, लगे पाबंदी : कारी रय्यान अशरफ
संभल। पीस टीवी पर लगी पाबंदी को स्थानीय उलेमाओं और मौलानाओं ने एक सही कदम माना है। उनका कहना है कि, चैनल पर पाबंदी लगाकर सरकार ने सही कार्य किया है। कट्टरपंथी जाकिर की तकरीरें भड़काऊ होती हैं, हालांकि पीस टीवी देखने वाले कुछ लोग निराश हैं भी हैं। मगर इस मुद्दे पर बातचीत से परहेज कर रहे हैं।
सरकार की पाबंदी के बाद पीस टीवी का प्रसारण सोमवार से बंद हो गया है। जो लोग कल तक पीस टीवी देख रहे थे वे अब निराश नजर आ रहे हैं लेकिन इस बारे में उन्होंने बातचीत से परहेज किया। सोमवार को शाम जब कुछ लोगों से पीस टीवी के बारे में जानकारी चाही गई तो आमतौर पर पीस टीवी को देखने से ही इनकार किया। पीस टीवी पर लगी पाबंदी का स्वागत किया।
केबल नेटवर्क के संचालक मुकुल रस्तोगी ने बताया कि पीस टीवी फ्री टू एयर है। उनके नेटवर्क से इसका प्रसारण कई वर्ष से बंद है। लेकिन जो लोग अपनी छतरी लगाए हुए हैं वे इसे देख सकते थे पर पाबंदी लग गई है तो उसे कोई नहीं देख पाएगा। वहीं जामा जामा मस्जिद के सचिव कारी रय्यान अशरफ ने कहा कि केवल पीस टीवी पर नहीं बल्कि कट्टरपंथी नाइक पर भी पाबंदी लगाई जाए। क्योंकि उनकी तकरीरें भड़काऊ होती हैं। बताया कि जब पीस टीवी का प्रसारण होता था तब कुछ लोग उनकी बकवास सिर्फ इस वजह से देख लेते थे कि क्या बोल रहे हैं?