तमाम लोग गांव में झोला छाप से उपचार करा रहे है। कई बीमार मुरादाबाद के निजी अस्पतालों में भर्ती हैं।
बीमारी का सीजन 15 दिन से चल रहा है। लाखों की रुपये की लागत से बने स्वास्थ्य उपकेंद्र खंडहर में तब्दील हो रहे हैं। मोहम्मदपुर मालिनी, धीमरखेड़ी और मिठौली की मढ़ैया में करीब 300 से अधिक लोग विभिन्न बीमारियों की चपेट में हैं। मिठौली की मढ़ैया में ग्रामीण झोलाझाप चिकित्सकों से उपचार करा रहे हैं।
मोहम्मदपुर मालिनी में सरकारी चिकित्सा सेवाओं का बुराहाल है। गांव वालों की शिकायत पर मंगलवार को मोहम्मदपुर मालिनी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधीक्षक डा. जुहेब करीम के नेतृत्व में एक टीम पहुंची। टीम में 200 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
इसमें 150 मरीज वायरल पीड़ित थे, जबकि तीनमरीजों का टाइफाइड था और कुछ मरीज मलेरिया पीड़ित थे। डा. जुहेब करीम ने बताया कि गांव में जगह-जगह बारिश का पानी भरा है। इसके चलते बीमारी फैल रही है।
जहां तक धीवरखेड़ी और मिठौली की मढ़ैया का मामला है वहां पर भी टीम जाएगी।
झोलाछाप को पकड़ने पहुंची टीम मचा हंगामा
सौंधन (संभल)। सौंधन में झोलाछाप के यहां छापा मारने पहुंची टीम को उस समय लेने के देने पड़ गए जब लोगों ने टीम को घेर लिया। कुछ देर के लिए हंगामे भरा माहौल बन गया। टीम ने किसी तरह से झोलाछाप चिकित्सक की क्लीनिक को सील किया और पुलिस थाने में तहरीर दी।
तहसील दिवस में की गई शिकायत पर सीएमओ डॉ. उमराव सिंह ने तत्काल टीम भेजी। टीम के प्रभारी डा. पवन सिंह ने बताया कि जब टीम पहुंची तो क्लीनिक पर एक मरीज को ड्रिप चढ़ाई जा रही थी। टीम ने पूछताछ शुरू की तो लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोग झोलाझाप के खिलाफ कार्रवाई न करने की मांग को लेकर दबाव बनाने लगे। उन्होंने बताया कि क्लीनिक को सील करते हुए हयातनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।