चंदौसी (संभल)। नगर के दो व ब्लॉक बनियाखेड़ा के सात जर्जर घोषित हो चुके परिषदीय विद्यालयों के भवनों में बैठाकर बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। जिससे विद्यार्थियों के जान का खतरा का खतरा बना है। जिम्मेदार भी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
चंदौसी के मोहल्ला जारई गेट स्थित रवींद्रनाथ टैगोर व कुरेशियान स्थित रफी अहमद प्राइमरी स्कूल के भवन जर्जर हैं। कक्षों पर डाली गई शेड बारिश में टपकता है तो विद्यार्थियों को बरामदे में बैठकर पढ़ाई कराई जाती है। अब खास बात यह है कि बरामदा भी जर्जर होने के कारण विद्यार्थियों को हादसे का खतरा बना हुआ है। इसके अलावा ब्लॉक बनियाखेड़ा के बावेपुर, करेली, खेड़ाखास की मढ़ैय्यां, बेरनी, बेहटा साहू, गुरसरी व छावड़ा के प्राथमिक विद्यालयों को के भवन भी जर्जर घोषित हैं। इन सभी विद्यालयों में करीब एक हजार विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं। बावजूद इसके जिम्मेदार अफसर विद्यार्थियों के इन जर्जर भवनों में बैठकर पढ़ाई करने को लेकर अंजान बने हुए हैं।
वैसे तो जिला स्तरीय तकनीकी टीम को निरीक्षण कर जर्जर भवन घोषित करने के लिए पत्र भेजा गया है। बावजूद इसके विद्यालयों के शिक्षकों को भी विद्यालयों के जर्जर भवनों में पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों को न बैठाने के निर्देश दिए जाएंगे। -अरुण कुमार, बीईओ, नगर क्षेत्र चंदौसी व ब्लॉक बनियाखेड़ा