सरायतरीन। पवांसा ब्लॉक क्षेत्र के कई गांवों में मानसून की बरसात ने पंचायत विभाग के साफ-सफाई के दावों की पोल खोल दी है। ब्लॉक मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के मुख्य मार्गों पर कीचड़, गंदगी और जलभराव के कारण ग्रामीणों का निकलना मुश्किल हो गया है। स्कूली बच्चे भी इसी गंदगी से होकर विद्यालय जाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद पंचायत विभाग ने समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया।
गांव शेरपुर की मढैया में मुख्य मार्ग पर करीब 100 मीटर तक कीचड़ और जलभराव है। वाहन चालकों को भी निकलने में परेशानी हो रही है। ग्राम प्रधान से कई बार शिकायत की गई, लेकिन बरसात से पहले समाधान नहीं हुआ। गांव बिचपुरी में बीते 5 वर्षों से चार मुख्य मार्गों पर जलभराव और गंदगी की समस्या बनी हुई है। मुख्य मार्ग पर जलभराव से दोपहिया वाहन चालक हादसों का शिकार हो रहे हैं।
गांव के तालाब की भी सफाई नहीं हुई है और उस पर अवैध कब्जा हो गया है। गांव धुरैटा में भी मुख्य मार्ग के हालात खराब हैं। तालाब की सफाई के बावजूद अवैध कब्जे के कारण पानी सड़कों पर भरा है।
गांव मिलक सैंजना और बंजरपुरी के मुख्य मार्गों पर भी कीचड़ और जलभराव से ग्रामीणों का निकलना मुश्किल है।