धनारी क्षेत्र के बमनपुरी गांव के राजपाल को 11 मार्च को खेत से जबरन उठाकर अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया और अंत में आगरा के एक अज्ञात स्थान पर उसकी बलि देने की कोशिश की गई। लेकिन उसकी चीख सुनकर लोग सतर्क हो गए, जिससे आरोपित भाग निकले और वह किसी तरह बचकर घर पहुंचा। 20 मार्च को पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरोह तांत्रिक अनुष्ठानों की आड़ में ठगी, अपहरण करता है। इस मामले में मुख्य आरोपित लाखन सिंह की संदिग्ध हालात में मौत हो चुकी है, जिससे प्रकरण नया मोड़ ले चुका है। पुलिस को संदेह है कि उसकी मौत गिरोह के अंदरूनी विवाद का नतीजा हो सकती है। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है और पुलिस का मानना है कि आने वाले दिनों में कई अहम खुलासे हो सकते हैं। प्रभारी निरीक्षक बाबूराम गौतम ने बताया कि अभी कुछ पहलुओं पर जांच की जा रही है। संभवता शुक्रवार को खुलासा किया जाएगा।