कोतवाली के मोहल्ला विकासनगर निवासी जितेंद्रवीर सिंह पुत्र कर्मवीर सिंह के अनुसार उनके बच्चे चंदौसी पब्लिक स्कूल में पढ़ते है। गुरुवार को पत्नी रजनी के साथ बाइक से बच्चों को स्कूल लेने जा रहे थे। दोपहर 2.30 बजे जब जितेंद्रवीर सिंह स्कूल के सामने पहुंचे तो काले रंग की पल्सर बाइक पर दो व हीरो होंडा सीबीजेड पर दो बदमाश वहां पहुंचे। पल्सर सवार पर पीछे बैठे बदमाश ने तमंचा निकाल कर जितेंद्रवीर की कनपटी पर तान दिया। बदमाशों ने तमंचे की नोंक पर रजनी के गले से सोने की चेन उतरवा ली और पीछे की ओर वापस हो गए। जब तक वह शोर मचाते तब तक बदमाश वहां से दूर निकल गए। जितेंद्रवीर सिं ने वारदात की तहरीर कोतवाली में दी है।
उधर, पंजाब नेशनल बैंक के रिटायर्ड बैंक मैनेजर बीएल गुप्ता की पत्नी ऊषा गुप्ता के गले से चेन स्नेचर गिरोह के बाइक सवार सदस्यों ने चेन खींच ली। घटना गुरुवार को जवाहर रोड पर अपराह्न दो बजे हुई। आसपास मौजूद लोगों ने बाइक सवार बदमाशों का पीछा किया। लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।
पंजाब नेशनल बैंक के रिटायर्ड मैनेजर बीएल गुप्ता अपने परिचित जवाहर रोड स्थित विनोद गोयल के घर रिक्शे से पत्नी के साथ आ रहे थे। दोपहर करीब दो बजे बीएल गुप्ता की पत्नी ऊषा गुप्ता जवाहर रोड स्थित विनोद गोयल के मकान पर पहुंचे। रिक्शे से उतरने लगे। इतने में ही ऊषा गुप्ता के गले पर झपट्टा मारकर बाइक सवार एक युवक ने चेन खींच ली। शोर शराबे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने बाइक सवारों का पीछे किया। बाइक सवार बदमाश संभल गेट की ओर भाग गए। बीएल गुप्ता ने बताया कि उन्हें करीब 40 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। पुलिस को तहरीर दी गई है।
स्टूडेंट के खाते से कर ली ऑनलाइन शॉपिंग
संभल (ब्यूरो)। स्मार्ट चोर ने मोबाइल पर कॉल की और आईएफटीएम यूनिवर्सिटी से डिप्लोमा कर रहे छात्र के एटीएम कार्ड का 16 डिजिट का नंबर और पीछे लिखे नंबर को पूछ लिया। इसके बाद चंद घंटों में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करके 8,800 रुपये की खरीदारी कर डाली। छात्र को तब पता लगा जब उसके मोबाइल पर बैलेंस ट्रांसफर होने के मैसेज आए। छात्र ने पुलिस तथा बैंक शाखा को खबर दी लेकिन घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव गोविंदपुर निवासी रविंद्र कुमार मुरादाबाद की आईएफटीएम यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल में डिप्लोमा कर रहे हैं। उनके मोबाइल फोन पर मंगलवार को दोपहर 1.30 बजे एक काल आई जिसमें स्मार्ट चोर ने उससे एटीएम कार्ड का 16 डिजिट वाला नंबर पूछा और इसके बाद एटीएम कार्ड के पीछे लिखा सेवन डिजिट का जरूरी नंबर भी पूछा। रविंद्र ने बताया कि इसके बाद उनके खाते से 5000 इसके बाद 2000 और सबसे लास्ट में 1800 रुपये के ऑन लाइन पेेमेंट किए गए। तीनों मैसेज आने के बाद अब उनके खाते में कुल 200 रुपये का बैलेंस बचा है। पीड़ित स्टूडेंट ने बताया कि वह घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कोतवाली गए।
कोतवाली में एक सिपाही मिला उसने कोतवाली के कार्यालय भेजा जहां से उसे नखासा थाने भेज दिया गया। नखासा थाने पहुंचा तो पुलिसकर्मियों ने कहा-गलती आपकी है और इसे आपको ही भुगतना पड़ेगा। यदि कार्रवाई करानी है तो बहजोई जाकर साइबर ब्रांच में शिकायत दर्ज कराएं। कुल मिलाकर अभी तक पूरे मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है।