जिले की पैसठ वर्षीय चंदा देवी ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने उम्र के चौथे पड़ाव पर पहुंचने के बावजूद तेलंगाना में स्वीमिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित 13वीं नेशनल मास्टर एक्वाटिक चैंपियनशिप-2016 में एक गोल्ड मेडल व दो सिल्वर मेडल हासिल किए हैं।
चंदौसी के रुस्तगी मुहल्ला निवासी केसरी लाल की पत्नी चंदा देवी की उम्र इस समय 65 वर्ष है लेकिन जज्बा युवाओं से भी अधिक है। यूं तो वह 1988 से तैराकी प्रतियोगिता में सहभागिता करती आई हैं। उन्होंने लखनऊ में हुई सिविल सर्विसेज कर्मचारियों की राष्ट्रीय तैराकी प्रतियोगिता में दो सिल्वर मेडल जीते थे। तेलंगाना के सिकंदराबाद में 13वी नेशनल मास्टर एक्वाटिक चैंपियनशिप-2016 में फ्री स्टाइल (महिला) में चंदा देवी ने भी सहभागिता की थी।
इसमें उन्होंने 50 मीटर बैक स्टोक में गोल्ड मेडल जीता।
50 मीटर ब्रस्ट स्टोक में सिल्वर व 50 मीटर फ्री स्टाइल (महिला) में सिल्वर मेडल जीता है। अपनी इस जीत पर चंदा देवी बेहद खुश हैं।उनका कहना है कि अगले साल वह राष्ट्रीय तैराकी चैंपियनशिप में दिल्ली प्रदेश की ओर से सहभागिता करेंगी। उनके चार बच्चे हैं, सभी की शादियां हो चुकी हैं। घर परिवार का निर्वहन करते हुए वह अभी भी तैराकी में स्वर्ण पदक जीत रही हैं।