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Sambhal News: सुशील जिंदा... तो मरने वाला कौन

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बहजोई (संभल)। चांदनी चौक मार्केट के निर्माणाधीन भवन में बीती 24 दिसंबर को मिला शव किसका था, यह सवाल अब फिर पुलिस के सामने खड़ा हो गया है। क्योंकि जिस सुशील के नाम से शव की पहचान की गई थी, वह तो जिंदा निकला। बुधवार को पुलिस ने कागजी प्रक्रिया पूरी करने के सुशील को उसकी बहन को सौंप दिया। अब नए सिरे से शव की शिनाख्त की कोशिश की जा रही है।
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24 दिसंबर को शव मिलने के बाद अगले दिन 25 दिसंबर को उत्तराखंड के काशीपुर निवासी अनिल ने मृतक की शिनाख्त अपने भाई सुशील के रूप में की थी और पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद मृतक का शव अनिल को सौंप दिया था। इसके बाद अनिल की ओर मृतक के शव का अंतिम संस्कार कर दिया था। तेरहवीं समेत अन्य रस्में भी पूरी की थीं।
मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया था, जब मृतक के रूप में चिह्नित किया गया सुशील 13 जनवरी को पुलिस को जिंदा मिल गया। इसके बाद पुलिस ने सुशील के भाई अनिल व बहन को कोतवाली बुलाया और पहचान कराई। तब जिला बदायूं के इस्लामनगर निवासी बहन विमला ने सुशील की पहचान की। इसके बाद पुलिस ने सुशील को बहन विमला के पास भेज दिया।
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प्रभारी इंस्पेक्टर संत कुमार ने बताया कि बुधवार को सुशील का भाई अनिल काशीपुर से आया। इसके बाद अनिल से सुशील के जिंदा होने संबंधी लिखापढ़ी की प्रक्रिया कराई। सीओ डॉ. प्रदीप कुमार सिंह का कहना है कि अब मृतक की शिनाख्त कराने की कोशिश की जा रही है। शिनाख्त के बाद मृतक के परिजनों के बयान के आधार पर आगे की प्रक्रिया होगी।
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शव की पहचान कराना पुलिस के लिए चुनौती

जिस शव को सुशील का माना गया था अब वह शव किसी और व्यक्ति का निकला। पुलिस के सामने पहचान कराने की अब चुनौती है। अब पुलिस दूसरे जिले में शव की पहचान कराने के लिए प्रयास करेगी। जिससे आगे की कार्रवाई को बढ़ाया जा सके। क्योंकि मामला हत्या से जुड़ा है। पुलिस आरोपियों तक भी पहुंच गई तो शायद शव की शिनाख्त होना आसान हो जाएगा। फिलहाल तो पुलिस छानबीन करने की बात कह रही है।
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