गन्ना किसानों का करोड़ों रुपया बकाया है। जिसकी भुगतान नहीं करके चीनी मिलें छिपकर दूसरे जिलों में स्थित वेयर हाउसेस में भंडारण कर रही हैं। पिछले दिनों चंदौसी सहकारी गन्ना विकास समिति की शिकायत के बाद गन्नायुक्त के आदेश पर संभल जिला प्रशासन ने चंदौसी के चार वेयर हाउसेस में रखी 1.78 लाख क्विंटल चीनी को सीज कर उसकी बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है।
अब यह चीनी जिलाधिकारी मुरादाबाद व रामपुर की अनुमति के बाद ही निकाली जा सकेगी। वेयर हाउसेस पर पुलिस बल तैनात करने के भी आदेश जारी कर दिए गए हैं। हालांकि जिला गन्नाधिकारी का कहना है कि वेयर हाउस संचालक कह रहे हैं यह चीनी उन्होंने चीनी मिलों से खरीद ली है। चीनी की कीमत 54 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।
गन्ना किसानों के साथ एक बड़े खेल का खुलासा हुआ है। बिलारी की अजुध्या शुगर मिल, राणा शुगर मिल बेलवाड़ा व रामपुर जिले की शाहबाद चीनी मिल करीमगंज पर किसानों का करोड़ों रुपये का गन्ना भुगतान बकाया है। किसान संगठन भी भुगतान को दबाव बना रहे हैं।
लेकिन जिला प्रशासन व गन्ना विभाग का रवैया चीनी मिलों के प्रति काफी नरम है। सहकारी गन्ना विकास समिति चंदौसी के चेयरमैन सुबोध शर्मा व कई अन्य किसान प्रतिनिधियों ने पिछले दिनों गन्ना आयुक्त विपिन कुमार द्विवेदी से लखनऊ में मिलकर शिकायत की थी कि चीनी मिलें भुगतान तो नहीं कर रही लेकिन कहीं शासन चीनी सीज न कर दे, इस कारण चीनी को अन्यत्र स्थानों पर स्टाक कर रहीं हैं।
मंडलायुक्त मुरादाबाद सुभाषचंद्र शर्मा के संज्ञान में भी यह मामला आया तो जिलाधिकारी संभल एनके सिंह चौहान को जानकारी दी गई। जिलाधिकारी एनके सिंह चौहान के आदेश पर उप जिलाधिकारी अमित कुमार ने नायब तहसीलदार प्रदीप कुमार को इस कार्रवाई के लिए अधिकृत किया था।
उप जिलाधिकारी अमित कुमार ने बताया कि चंदौसी से सटे आटा गांव स्थित वेयर हाउस में बिलारी शुगर मिल के 72000 कट्टे, करीमगंज के 82000 कट्टे, पथरा के वेयर हाउस में बेलवाड़ा शुगर मिल के 66635 कट्टे, जारई के वर्धमान वेयर हाउस में करीमगंज के 136000 चीनी के कट्टे यानी तीनों चीनी मिलों की कुल 178317 क्विंटल चीनी को प्रशासन ने इन वेयर हाउसेस में ही संरक्षित कर दिया है।
3050 रुपये प्रति क्विंटल की दर चीनी की कीमत करीब 54.38 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस चीनी की सीधी बिक्री पर भी रोक लगा दी गई है। चीनी स्टाक की ब्रिकी संबंधित जिलाधिकारी मुरादाबाद व रामपुर की आदेश के बाद ही की जाएगी। चीनी की ब्रिकी से प्राप्त धनराशि की 85 प्रतिशत धनराशि संबंधित चीनी मिलों द्वारा गन्ना समिति को प्राप्त होने के बाद व उपजिलाधिकारी चंदौसी की अनुमति के बाद चीनी की निकासी की जाएगी। इन वेयर हाउस पर सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल भी तैनात किया है।