संभल। पेराई सत्र 2023-24 के लिए गन्ना सर्वेक्षण नीति जारी कर दी गई है। सर्वेक्षण का कार्य आगामी 15 अप्रैल से शुरू होकर 20 जून तक चलेगा। सर्वेक्षण हैंड हेल्ड जीपीएस युक्त कंप्यूटर मशीन द्वारा कराया जाएगा। खेत पर ही गन्ना रकबे की स्लिप किसानों को दे दी जाएगी।
जिला गन्ना अधिकारी राजेश्वर यादव ने बताया कि गन्ना सर्वेक्षण के लिए चीनी मिल क्षेत्र में स्टाफ की उपलब्धता के अनुरूप पांच सौ से एक हजार हेक्टेयर तक की अस्थाई सर्किल बनाई जाएंगी। इस कार्य में उन्हीं कर्मचारियों को रखा जाएगा, जो गन्ना सर्वेक्षण की मूलभूत जानकारी रखते हों। सर्वेक्षण टीम में एक राजकीय गन्ना पर्यवेक्षक तथा एक कर्मचारी चीनी मिल का होगा। टीम को सर्वेक्षण से पहले प्रशिक्षित किया जाएगा। बताया कि विभाग की वेबसाइट पर घोषणा पत्र अपलोड करने की सुविधा प्रदान की गई है। सभी किसानों को घोषणा पत्र अनिवार्य रूप से भरना होगा। इसका सत्यापन सर्वेक्षण टीम द्वारा किया जाएगा। बताया कि जो किसान घोषणा पत्र नहीं भरेंगे, उनका सट्टा बंद कर दिया जाएगा। बताया कि ऐसे किसान, जिनकों यह लगता है कि उनके गन्ने की उपज जनपद की औसत उपज से अधिक है, वह 30 सितंबर तक निर्धारित शुल्क देकर उपज बढ़ोत्तरी की रसीद कटवा सकते हैं।
गन्ना के पौधे के सर्वे के साथ पेड़ी का होगा सत्यापन
संभल। जिला गन्ना अधिकारी राजेश्वर यादव ने बताया कि मौके पर गन्ने के पौधे के सर्वे के साथ-साथ पेड़ी का भी सत्यापन कराया जाएगा। आमतौर किसान पौधे की फसल अच्छी न निकलने पर पेड़ी को नष्ट कर देते हैं। मौके पर इसका सत्यापन किया जाएगा। इसी के बाद आपूर्ति के लिए पर्चियां लगेंगी।
खेत में गन्ना रहने तक चालू रहेंगी चीनी मिलें
संभल। खेत में गन्ना खड़े रहने तक चीनी मिलें चालू रहेंगी। पर्चियों के वितरण में तेजी की गई है। प्रयास है कि सभी किसानों को समय से आपूर्ति के लिए पर्ची मिल जाएं। मझावली स्थित वीनस शुगर मिल दो-चार दिन में पेराई बंद कर सकती है, जबकि रजपुरा दस अप्रैल तक चल सकती हैं। वहीं, असमोली सबसे बाद तक चलेगी। इसके पंद्रह से बीस अप्रैल के बीच पेराई बंद करने की उम्मीद है।