प्रशासनिक कार्रवाई से बचने के लिए जिले की दो चीनी मिलों ने नया पैंतरा चला है। किसानों के 72 करोड़ रुपये गन्ना बकाये के भुगतान में नगद की जगह उन्हें चीनी देने का आफर किया है। मिल प्रबंधन ने एलान किया है कि मिल को गन्ना देने वाले किसान जब चाहें मिल में जाकर अपने बकाया मूल्य के बराबर 3770 रुपये की दर से चीनी उठा सकते हैं। उधर, किसानों को मिलों का यह आफर पसंद नहीं आया है।
उनका कहना है कि इससे उन्हें घाटा होगा। इसके अलावा इतनी मात्रा में चीनी लेकर उसे बेचने का इंतजाम कैसे कर पाएंगे। चालू पेराई सत्र में किसानों की सामान्य प्रजाति का गन्ना 280 रुपये प्रति क्विंटल से खरीदा गया था, लेकिन भुगतान 230 रुपये प्रति क्विंटल से किया गया है। अभी 50 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बकाया का भुगतान किया जाना है। करीब 60 हजार किसान ऐसे हैं जो 50 रुपये क्विंटल के हिसाब से अवशेष भुगतान का इंतजार कर रहे हैं।
इन किसानों के लिए भुगतान के बदले चीनी का ऑफर है। धामपुर शुगर मिल ग्रुप की असमोली और रजपुरा चीनी मिल ने ऑफर लागू करने का एलान किया है। असमोली चीनी मिल के अध्यासी सुभाष पांडे ने बताया कि अभी तक किसानों को 230 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब भुगतान किया गया है। अवशेष गन्ना मूल्य का भुगतान देने के लिए चीनी देने के लिए तैयार हैं।
इसके लिए बाजार भाव लागू होगा। उनके मुताबिक सोमवार का बाजार भाव 3770 रुपये प्रति क्विंटल है। बाजार में आ रहे उतार-चढ़ाव का असर चीनी के मूल्य पर पड़ेगा।