चंदौसी। बहजोई रोड स्थित अन्नपूर्णा उत्सव मंडप में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का रविवार को समापन हुआ। कथा प्रारंभ होने से पूर्व वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच सामूहिक हवन संपन्न हुआ। कथा व्यास अतुल कृष्ण ने कहा कि श्रीकृष्ण की लीलाएं हमें प्रेम, आस्था और समर्पण का संदेश देती हैं। कथा के दौरान आयोजित भजनों पर महिलाओं ने पुष्प वर्षा करते हुए नृत्य कर भक्ति का माहौल बना दिया।
कथा व्यास अतुल कृष्ण भारद्वाज जी महाराज ने भागवत का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने गीता के इस श्लोक में जीवन का सबसे बड़ा संदेश दिया है। सभी कर्तव्यों और धर्मों को छोड़ कर केवल मेरी शरण में आओ। मैं तुम्हें सब पापों से मुक्त कर दूंगा, दुख मत करो।” उन्होंने समझाया कि यह श्लोक हमें सिखाता है कि ईश्वर पर पूर्ण विश्वास और उनकी शरण ग्रहण करने से मनुष्य जीवन के सभी भय और पापों से मुक्त होकर शांति पा सकता है। यह श्लोक हर श्रोता के लिए एक अमूल्य आध्यात्मिक धरोहर है। कथा व्यास ने अंतिम दिवस की कथा सुनाते हुए कहा कि भागवत कथा केवल एक ग्रंथ का श्रवण मात्र नहीं है, बल्कि यह जीवन को धर्म, सत्य और भक्ति की राह पर ले जाने का पथ प्रदर्शन है।
कथा के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर आध्यात्मिक सुख प्राप्त किया। यजमान अजय शर्मा, मिलन शर्मा, विनय अग्रवाल, रजनी अग्रवाल रहे। संचालन विनोद कुमार शर्मा ने किया।
इस अवसर पर आदित्य शर्मा, शांतनु, राकेश कुमार शर्मा, विजय शर्मा, नरेंद्र शर्मा, अंकुर शर्मा, वेदिका शर्मा, उषा शर्मा, सरोज शर्मा, तुषार शर्मा, डॉ. अंकिता शर्मा, विजय शर्मा, मनोरमा शर्मा, गिरजेश शर्मा, प्रियांक शर्मा, कृष्ण भारद्वाज, अध्विक भारद्वाज, समस्त शर्मा, अग्रवाल परिवार सहित अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।