संवाद न्यूज एजेंसी
संभल। दिल्ली में सपा प्रमुख अखिलेश यादव को पुलिस ने हिरासत में लिया तो इस पर समर्थक भड़क गए। मंगलवार की रात करीब 10.30 बजे संभल में चंदौसी चौराहे पर जिलाध्यक्ष असगर अली अंसारी के नेतृत्व में सपा कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए। इस दौरान यातायात प्रभावित होने लगा। इसकी जानकारी कोतवाली पुलिस को हुई थी। कोतवाली प्रभारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। वहीं, दूसरी ओर पूर्व जिलाध्यक्ष फिरोज खां ने भी अपने समर्थकों के साथ अंबेडकर पार्क में धरना देकर सपा प्रमुख की रिहाई की मांग उठाई।
पुलिस ने सपाइयों को हटाने का प्रयास किया, लेकिन वह अखिलेश यादव की रिहाई की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे। इस पर कोतवाली प्रभारी ने आला अधिकारियों की इसकी जानकारी दी। आला अधिकारियों के निर्देश मिलने के बाद कोतवाली प्रभारी और फोर्स के तेवर सख्त हो गए। पहले आग्रह किया लेकिन बाद में लाठी दिखाई तो समर्थक धरनास्थल से जाने लगे। सपा जिलाध्यक्ष और शहर विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहैल इकबाल हटने के लिए तैयार नहीं हुए। इसके बाद जिलाध्यक्ष को पुलिस ने हिरासत में लेते हुए गाड़ी में बैठा लिया और थाने ले गए। इसके बाद अन्य कार्यकर्ता भी मौके से भाग गए। इसके बाद यातायात पूरी तरह सुचारू हो सका। वहीं, दूसरी ओर एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने का किसी ने प्रयास किया तो सख्ती से निबटा जाएगा। जिलेभर में कहीं भी किसी ने व्यवस्था खराब की तो कार्रवाई की जाएगी।
आक्रोशित सपाइयों ने हाईवे पर दिया धरना
बहजोई। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव को हिरासत में लेने से आक्रोशित सपाई हाईवे पर धरने पर बैठ गए। इस बीच, सपाइयों ने केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सपा मुखिया को हिरासत में लिए जाने की जानकारी मिलने के बाद समाजवादी पार्टी के जिला महासचिव कृष्णमुरारी शंखधार समेत अन्य सपाई मुरादाबाद-आगरा हाईवे स्थित इस्लामनगर चौराहा पर धरने पर बैठ गए। इस बीच, जानकारी मिलने पर प्रभारी इंस्पेक्टर राजीव कुमार मलिक मय पुलिस के मौके पर पहुंचे और सपाइयों का धरना समाप्त कराया। इस बीच, करीब पौन घंटे तक सपाई सड़क पर बैठे रहे। यह बात दीगर है कि सपाइयों के सड़क पर बैठने से हाईवे पर किसी भी प्रकार से यातायात बाधित नहीं हुआ। इस बीच, जिला महासचिव का कहना है कि पेपर लीक समेत छात्रों व नौजवानों की अन्य मांगों को लेकर जब सपा मुखिया दिल्ली के जंतर मंतर पर पहुंचे, तो वहां उन्हें हिरासत में ले लिया गया। सपा ने सदैव छात्रों व नौजवानों की आवाज उठाई है। वहीं, केंद्र व प्रदेश की सरकार कोई भी परीक्षा नहीं करा पाई। कई छात्रों ने आत्महत्या कर ली। केंद्र सरकार के शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा दे देना चाहिए। आज नौजवान सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरने को मजबूर हैं। इस बीच, विधानसभा अध्यक्ष उमेश यादव समेत सुरेंद्र यादव, सद्दाम कुरेशी, अमित यादव व रवि शंखधार आदि रहे। संवाद