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Sambhal News: फर्जीवाड़ा कर बीमा क्लेम हड़पने में छह और दबोचे

Fri, 21 Feb 2025 01:42 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
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फर्जीवाड़ा कर बीमा क्लेम हड़पे के आरोपी। संवाद - फोटो : संवाद
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संभल। फर्जी बीमा क्लेम के करोड़ों रुपये हड़पने वाले अंतरराज्यीय गिरोह में बुलंदशहर जिले के अनूपशहर स्थित यस बैंक की शाखा के दो कर्मचारी और बीमा पॉलिसी की इंवेस्टीगेशन कंपनी का मालिक भी शामिल थे। रजपुरा और गुन्नौर पुलिस ने बृहस्पतिवार को छह और सदस्यों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से बैंक की पासबुक, चेक, डेबिट कार्ड, पॉलिसी क्लेम फार्म, बैंक लेटर हेड समेत कई अहम दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।
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एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि बीमा क्लेम हड़पने वाले गिरोह में शामिल बुलंदशहर के कोठियात देवीपुरा निवासी नितिन चौधरी, बुलंदहश के थाना छतारी अंतर्गत बहलौलपुर निवासी अभिनेश राघव, बिहार के जिला औरंगाबाद हाल पता झारखंड प्रदेश के जिला रांची थाना चोटिया अंतर्गत प्रगति गार्डेनिया निवासी शैलेंद्र कुमार, गुन्नौर थाना क्षेत्र के बबराला निवासी कृष्ण अवतार शर्मा, रवि शर्मा व जिला मुरादाबाद के थाना बिलारी निवासी आकाश यादव शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि नितिन चौधरी और अभिनेश राघव अनूपशहर स्थित यस बैंक की शाखा में डिप्टी मैनेजर के पद पर कार्य करते हुए गिरोह में शामिल हो गए थे। जबकि शैलेंद्र कुमार ईस्ट इंडिया इंवेस्टीगेशन कंपनी का मालिक है। इस कंपनी का कार्यालय गाजियाबाद में है। यह कंपनी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, असम, दिल्ली, हरियाणा व अन्य कई राज्यों में पॉलिसी इंवेस्टीगेशन करने का काम करती है। एसपी ने बताया कि कृष्ण कुमार, रवि शर्मा और आकाश यादव फर्जी तरीके से बीमा कराने का काम करते थे। इन सभी को न्यायालय में भेजा गया। जहां से जेल भेज दिया गया है।
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शैलेंद्र का गबन में 20 प्रतिशत रहता है हिस्सा

शैलेंद्र की कंपनी ईस्ट इंडिया इंवेस्टीगेशन एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, मैक्स लाइफ इंश्योरेंस, बजाज एलाइंस लाइफ इंश्योरेंस, इंडिया फस्ट लाइफ इंश्योरेंस, पीएनबी मेट लाइफ इंश्योरेंस, स्टार डाइस लाइफ इंश्योरेंस, रिलाइंस लाइफ इंश्याेरेंस जैसी नामचीन कंपनियों द्वारा की गई पॉलिसी का इंवेस्टीगेशन करती है। एसपी ने बताया कि आरोपी ने स्वीकार किया है कि 17 जनवरी को गिरफ्तार किए गए वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र के फुलवरिया निवासी ओंकारेश्वर मिश्र उसकी कंपनी में काम करता था। बताया कि उसकी कंपनी फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों को प्रति केस 2800 रुपये देती है। यही टीम ऐसे गरीब और अशिक्षित लोगों को तलाश करते हैं, जिनके परिवार में कोई मर चुका है या मरने की हालत में है। फर्जी तरीके से जीवन बीमा किया जाता है और उसकी प्रीमियम भी खुद ही भरते हैं। नॉमिनी उसके ही परिवार से बनाते हैं लेकिन उसके खाते की पासबुक, चेकबुक, डेबिट कार्ड आदि अपने पास रखते हैं। आरोपी ने पुलिस को बताया कि बीमा क्लेम की रकम हड़पने पर 20 प्रतिशत धनराशि उसको मिलती थी।
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फर्जी हस्ताक्षर पर ही रकम निकाल देते थे बैंक के कर्मचारी

पुलिस की पूछताछ में यस बैंक के डिप्टी मैनेजर नितिन चौधरी और अभिनेश ने बताया कि वह वर्ष 2023 से यस बैंक की शाखा में डिप्टी मैनेजर के पद पर कार्य कर रहा है। बीमा नॉमिनी का खाता धोखा देकर खुलवाया जाता था। बीमा क्लेम की रकम भी फर्जी हस्ताक्षर के आधार पर निकाल ली जाती थी। एसपी ने बताया कि बदायूं के थाना इस्लामनगर अंतर्गत गांव सिठौली निवासी सुरजीत का फर्जी तरीके से खाता खुलवाया गया। उसके पिता की 12 जुलाई 2024 को मृत्यु हो गई थी। एसबीआई लाइफ पॉलिसी खुलवाई गई। आर्थिक सहायता देने के बहाने आधार व पैन कार्ड प्राप्त कर लिया और यस बैंक की शाखा में खाता खोल दिया। चार जनवरी को खाते से 4.50 लाख रुपये निकाल लिए। सुरजीत से जानकारी ली तो उसने बताया कि उसके हस्ताक्षर भी नहीं है और उसको खाते की भी जानकारी नहीं है। एसपी ने बताया कि इसी तरह के कई अहम दस्तावेज अन्य आरोपियों से बरामद किए गए हैं।
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कार से कैश मिलने पर पुलिस को हुआ था शक
17 जनवरी की रात रजपुरा पुलिस ने वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र के फुलवरिया निवासी ओंकारेश्वर मिश्र और गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बबराला निवासी अमित को गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपियों की कार से लाखों रुपये की नकदी और संदिग्ध दस्तावेज मिले थे। इसके बाद ही पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो बीमा क्लेम कर रकम हड़पने का मामला सामने आया था। इसके बाद से ही पुलिस की लगातार कार्रवाई चल रही है। अभी तक एक महिला समेत 14 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं।
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कोट
करोड़ों रुपये की रकम यह गिरोह हड़प चुका है। लगातार कार्रवाई की जा रही है। तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। अभी तक 14 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। -कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी, संभल
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