फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एसआईआर : 3.26 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटेंगे

विज्ञापन
विज्ञापन
संभल। जिले की चार विधानसभा क्षेत्रों में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) का काम कमोवेश पूरा हो गया है। सूची से नाम काटने के लिए करीब 3.26 लाख मतदाता चिह्नित किए गए हैं। इसमें मृतक, शिफ्टेड और डुप्लीकेट आदि मतदाता शामिल हैं।
विज्ञापन

जिले की चार विधानसभा क्षेत्रों में 15 लाख 70 हजार 306 मतदाता हैं। इन विधानसभा क्षेत्रों में एसआईआर कार्य करने की जिम्मेदारी 1590 बीएलओ को सौंपी गई थी। बीएलओ ने सर्वे करते हुए मतदाताओं से फार्म भरवाकर प्राप्त किए। एसआईआर का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। हालांकि अंतिम तिथि 11 दिसंबर तय की गई है।
आंकड़े पर गौर किया जाए तो संभल विधानसभा क्षेत्र में 372338 में से 297097 मतदाताओं के फार्म प्राप्त कर लिए गए, जबकि 75243 वोट काटे जाने हैं। असमोली विधानसभा क्षेत्र में 379264 में से 327587 मतदाताओं के फार्म प्राप्त हुए और 51680 वोट कटने हैं। चंदौसी विधानसभा क्षेत्र में 399331 में से 296498 फार्म प्राप्त कर लिए और कटने वाले वोटों की संख्या 102835 है। गुन्नौर विधानसभा क्षेत्र में 419373 में से 322629 मतदाताओं के फार्म प्राप्त किए गए हैं और 96746 वोट काटे जाने हैं। यह वोट मतदाता सूची से हटाए जाने हैं।
विज्ञापन

00000000
इस तरह चिह्नित किए गए नाम कटने वाले मतदाता
मतदाता सूची से जिन मतदाताओं के नाम कटने हैं, उनमें शिफ्टेड, मृतक, डुप्लीकेट और अन्य शामिल हैं। आंकड़े पर गौर किया जाए तो चारों विधानसभा क्षेत्र में मृतक मतदाता 57732, अनुपस्थित 87257, शिफ्टेड 121924, डुप्लीकेट 31666 और अन्य 27925 है।
00000000
0000000
मायके फोन कर एसआईआर के लिए लेना पड़ रहा महिलाओं का डाटा
बीएलओ बोले, अधिकतर महिलाओं का वर्ष 2003 का डाटा नहीं मिलने से हो रही मुश्किल
संवाद न्यूज एजेंसी
बहजोई। एसआईआर के लिए अधिकतर महिलाओं का वर्ष 2003 से जुड़ा डाटा न मिलने से कार्य में मुश्किल हो रही है। वहीं, कई महिलाओं का डाटा उनके मायके तक फोन करके संबंधित बीएलओ से जुटाना पड़ रहा है। यह कहना है कि बहजोई में एसआईआर कर रहे कुछ बीएलओ का।
बुधवार को दोपहर नगर में एसआईआर कर रहे एक बीएलओ का कहना था कि एसआईआर की अंतिम तिथि आ गई, लेकिन कई महिलाएं अपने मायके से एसआईआर का डाटा जुटाने में अभी तक सफल नहीं हो सकी हैं। इससे मुश्किल आ रही है। नौबत यहां तक पहुंच गई है कि कई महिलाओं के मायके तक फोन करके संबंधित बीएलओ से बातचीत की गई और एसआईआर के लिए बमुश्किल उन महिलाओं का डाटा जुटाया गया।
बीएलओ का कहना था कि शादी के बाद ससुराल आईं महिलाओं का वर्ष 2003 का डाटा जुटाने के लिए कई-कई बार घरों के चक्कर लगाए गए। तब कहीं जाकर डाटा जुटा पाए हैं। वहीं कई महिलाओं के तो मायके वाले व बीएलओ तक सही जानकारी नहीं दे पा रहे। ऐसे में मुश्किल हो रही है। वहीं, कुछ लोगों के घर पर कई बार गए, लेकिन वह लोग नहीं मिल रहे। आसपास वाले भी सही जानकारी नहीं दे पा रहे। इससे मुश्किल हो रही है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें