हाईस्कूल परीक्षा में फेल होने से डिप्रेशन में चल रहे बीस वर्षीय युवक ने अपनी ही गर्दन रेतकर अपने आराध्य भोले बाबा को बलि चढ़ाने की कोशिश की। धारदार हथियार गर्दन पर चलाने के बाद असहनीय दर्द से पीड़ित युवक ने शिव मंदिर के बाहर दौड़ लगा दी। उसे खून से लथपथ देख लोगों ने उसे एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया।
बाद में निजी अस्पताल में उसका ऑपरेशन किया गया। फिलहाल उसकी हालत में सुधार है। वहीं युवक के खिलाफ बहजोई थाने में आत्महत्या की कोशिश की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
हयातनगर थाना क्षेत्र के कैली एंचोली गांव निवासी चंद्रपाल कश्यप का बीस वर्षीय पुत्र धर्मेंद्र कश्यप बचपन से ही भगवान शिव और मां दुर्गा की पूजा पाठ करता है। इस साल उसने हाई स्कूल की परीक्षा दी थी।
इसको लेकर वह हर सोमवार को बहजोई थाने की पाठकपुर पुलिस चौकी क्षेत्र के सादातवाड़ी गांव स्थित प्राचीन श्रीपातालेश्वर महादेव मंदिर जाकर जलाभिषेक कर रहा था। बताया जाता है उसने ठान लिया था कि अगर वह फेल हो गया तो वह अपनी बलि भगवान शिव को चढ़ा देगा। यूपी बोर्ड से उसने दसवीं की परीक्षा यूपी बोर्ड से दी लेकिन फेल हो गया।
इसके बाद वह लगातार हताशा में चल रहा था। इधर, सोमवार सुबह वह घर से दूध लेकर साढ़े सात बजे तहेरे भाई राजू पुत्र रघुनंदन, दोस्त विजय उर्फ गौरा पुत्र रामचरन के साथ साइकिल से भोलेनाथ का दुग्धाभिषेक करने गया था। तकरीबन साढ़े बजे तीनों सादातबाड़ी महादेव मंदिर पहुंच गए। राजू व विजय तो पूजा करके बाहर निकल आए लेकिन धर्मेंद्र पूजा करता रहा। राजू ने बताया कि वह और विजय उसका बाहर इंतजार कर रहे थे। तभी उसकी चीख सुनाई दी।
इसके बाद वह गर्दन पकड़े बाहर आता दिखा, उसकी गर्दन से खून की धार निकल रही थी। इस पर एंबुलेंस बुलाई गई। उधर, मंदिर परिसर में खून से लथपथ युवक देख खलबली मच गई। सूचना पर पहुंची बहजोई पुलिस पहुंची ने उसे जिला अस्पताल भेजा। यहां से उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया लेकिन परिजन उसे संभल के एक निजी हास्पिटल ले गए। यहां उसका आपरेशन किया गया। वहीं चंदौसी के सीओ अभिषेक यादव ने बताया कि,प्रयोग किया गया चाकू बरामद कर लिया गया है।