संभल। राम मंदिर में शास्त्र, वेद और गुरुओं की अनदेखी हो रही है। ट्रस्ट में नेताजी की मनमानी चल रही है और विश्वसनीय लोगों को सदस्य बनाया जा रहा है। यह कहना है शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का। वह शुक्रवार को गविष्ठि गौ रक्षा धर्मयुद्ध यात्रा लेकर संभल पहुंचे। वह रजपुरा, बहजोई, पवांसा होते हुए संभल पहुंचे। जगह-जगह उनका स्वागत किया गया। शंकराचार्य ने मीडिया से भी बातचीत की। उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट और भाजपा के हिंदुत्व पर सवाल उठाए हैं।
आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट में पसंदीदा कार्यकर्ताओं को बैठाने का मतलब चोरी की मंशा है। उन्होंने विपक्ष का धन्यवाद किया कि वह सरकार की गड़बड़ियां उजागर कर रहा है। यदि विपक्ष भी शांत बैठ जाता तो कोई मुद्दा नहीं उठता। राम मंदिर ट्रस्ट के चंदा चोरी मामले में नोट गिनने वाले आठ लोगों पर एफआईआर हुई है। उन्होंने सवाल किया कि बड़े लोगों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है।
शंकराचार्य ने कहा कि भाजपा चुनाव आयोग में धर्म निरपेक्ष पार्टी है, पर उसका हिंदुत्व असली नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार में हिंदुओं के लिए औरंगजेब से भी अधिक अन्याय हुआ है। केवल हिंदुत्व का दावा करने से कोई हिंदू नहीं हो जाता। असली हिंदू वही है जो वेद, शास्त्र और गुरु परंपरा को मानता है। जो वेद नहीं मानते, वे नकली हिंदू हैं।
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विलुप्त तीर्थों के जीर्णोद्धार पर सरकार की सराहना, काशी को लेकर सवाल
शंकराचार्य ने कहा कि संभल में विलुप्त तीर्थों का जीर्णोद्धार किया गया है। यह सरकार की पहल अच्छी है। दूसरे समुदाय के लोगों ने कब्जे कर लिए थे। इनको मुक्त कराकर जीर्णोद्धार करना सराहनीय है। शंकराचार्य ने सवालिया लहजे में कहा कि काशी में पौराणिक मंदिरों को क्यों तोड़ा गया है। यह भी सरकार के हिंदुत्व पर सवाल है।