संभल। कस्बा सिरसी स्थित इमाम बारगाह मोहल्ला शर्की सादात में मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस के बाद शबीए ताबूत का जुलूस निकाला गया। अंजुमन जुल्फेकारे हैदरी की ओर से आयोजित मजलिस में मर्सिया वकार मेहंदी व उनके साथियों ने पढ़ा।
मजलिस को मौलाना मुनव्वर रजा ने खिताब करते हुए कहा कि नबी ए करीम के नवासे हजरत इमाम हुसैन के चचेरे भाई मुस्लिम बिन अकील को ईराक के शहर कूफा के लोगों ने खत भेजकर उन्हें कूफा बुला लिया और धोखे से जालिमों ने उन्हें शहीद कर दिया था। यह खबर हजरत इमाम हुसैन ने सफर के दौरान सुनी। इसे सुनकर अजादारों की आखों में आंसू आ गए। मजलिस के बाद हजरत मुस्लिम का शबीए ताबूत बरामद किया गया। इस दौरान शबी अब्बास, हसन मेंहदी जैदी, नवाब हैदर, मोहम्मद फिरोज, पप्पू , सादिक अब्बास, परवेज, शारिक, फ़रोग, गुलाम अब्बास, बिट्टू आदि मौजूद रहे। संवाद