संभल। पवांसा ब्लाक क्षेत्र की 103 ग्राम पंचायतों में से अभी तक 71 ग्राम पंचायत सचिवालय बन सके हैं। 34 अभी तक अधूरे हैं। ऐसे में इन गांवों में पंचायत सचिवालयों का संचालन नहीं हो पा रहा है और पंचायत सहायक घर पर रहकर काम कर रहे हैं। वहीं, कई ग्राम पंचायतों में एक दूसरे विभागों के भवनों में पंचायत सचिवालय का संचालन कराया जा रहा है। जिम्मेदार इस पर मौन हैं और एक दूसरे पर पल्ला झाड़ने पर उतारू हैं।
पवांसा ब्लॉक क्षेत्र की 103 ग्राम पंचायतों में से सिर्फ 71 पंचायत सचिवालय ही शुरू हो सके हैं, और 34 पंचायत सचिवालयों के निर्माण कार्य अभी अधूरे हैं। पंचायत सहायकों ने एक दिसंबर 2021 से अपना कार्य शुरू कर दिया है। शासन का निर्देश था कि पंचायत सहायक की नियुक्ति से पहले पंचायत सचिवालय तैयार करा दिए जाएं लेकिन यहां ऐसा नहीं हो पाया। यह बात अलग है कि जहां-तहां ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव ने ग्राम निधि से ही स्वास्थ्य उपकेंद्र, आंगनवाड़ी केंद्र, पानी की टंकी के कार्यालय और किसान सेवा केंद्र की मरम्मत कराकर पंचायत सचिवालय संचालित कराए हैं लेकिन जिला स्तरीय अधिकारियों की हीलाहवाली के चलते कार्य पूरे नहीं हो पा रहे हैं।
ग्राम पंचायत बिचपुरी, मल्लाह मुस्तफाबाद, अख्तयारपुर चौबे, मऊभूड़, साकिन शोभापुर, रसूलपुर धतरा, अझरा, अजीमाबाद, लखनपुर, शकरपुर तारनपुर, किसौली, नगला खाकम, करीमपुर, महोरा लखूपुरा, मोहम्मदपुर टांडा, दहेली, ताहरपुर सिमरौआ, जोगीपुर, मोहम्मदपुर बाबई, औरंगपुर सिलौटा, कासमपुर जगरूप, अमावती कुतुबपुर, ऐंजरा, सिसौना, मुजफ्फरपुर, निरयावली, करछली, बहादुरपुर सराय उर्फ रायपुर, ततारपुर घोसी, नगला खोकर, धनेटा सोतीपुरा, बिछौली, तिगरी, अल्लीपुर बुजुर्ग में अब तक पंचायत सचिवालय नहीं बन सके हैं।