चंदौसी। समाजवादी पार्टी ने देश व प्रदेश में बढ़ती महंगाई, बिगड़ती कानून व्यवस्था, बेरोजगारी, तीन कृषि कानूनों के विरोध में तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन किया। इसमें सपा के कार्यकर्ताओं पर फर्जी केस लगाने व प्रशासन पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया। तीन घंटे से अधिक चले धरने में भाजपा सरकार पर कई आरोप लगाए गए। अंत में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम व सीओ को सौंपा गया।
गुरुवार की सुबह करीब 11 बजे समाजवादी पार्टी का बढ़ती महंगाई सहित अन्य मुद्दों को लेकर तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन शुरू हुआ। इसमें पूर्व राज्यसभा सांसद जावेद अली खान ने कहा कि उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के अंतर्गत जिला पंचायत अध्यक्षों एवं ब्लॉक प्रमुखों के चुनाव में धांधली हुई। भाजपा के राज में लोकतंत्र की हत्या हुई है। गत आठ जुलाई को प्रमुख पद के नामांकन के समय विपक्ष के प्रत्याशी, प्रस्तावकों, समर्थकों व महिलाओं के साथ शर्मनाक घटनाएं, अभद्रता व पूर्व स्पीकर माता प्रसाद पांडे के साथ धक्का-मुक्की की घटनाओं से जाहिर है कि स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव नहीं हुआ है।
प्रदेश में कई जगह जिला पंचायत अध्यक्ष व ब्लॉक प्रमुख का नामांकन करने आए सपा समर्थित प्रत्याशियों को रोका गया। नामांकन दाखिल नहीं करने दिया गया। वहां पुन नामांकन प्रक्रिया कराने के मतदान कराया जाए। अंत में पूर्व सांसद जावेद अली खान, कृष्ण मुरारी शंखधार ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम महेश प्रसाद दीक्षित, सीओ गोपाल सिंह को सौंपा। इस दौरान सपा जिला महासचिव कृष्ण मुरारी शंखधार, पूर्व विधायक लक्ष्मी गौतम, सतीश प्रेमी, सुभाष कुमार वाल्मीकि, विमलेश कुमारी, सुरेंद्र यादव, मलखान सिंह, मोनी कुमारी, संगीता यादव, नगराध्यक्ष संजय मदान, तनवीर कुरैशी, हरवीर यादव, बिट्टन मलिक, यूसुफ अंसारी, सुभाष पाल, रिंकू वाल्मीकि, लव कुमार यादव, मोहम्मद यूसुफ अंसारी, योगेश यादव, ओमप्रकाश प्रजापति आदि सहित काफी संख्या में सपाई मौजूद रहे।