संभल। हर साल नगर पालिका परिषद नालों की सफाई के दावे करती है। यही नहीं, सफाई के नाम पर मोटा बजट भी खर्च किया जाता है। लेकिन यह भी सच्चाई है कि तमाम दावों और वायदों के बीच हर साल जनता जलभराव की परेशानी झेलती है। इस बार भी यही हाल होने की उम्मीद है। पालिका ने नालों की सफाई के नाम पर अभी तक केवल खानापूर्ति ही की है। कहीं-कहीं तो सफाई ही नहीं हो पाई है। नागरिकों का कहना है कि कर्मचारी आते हैं और नालों के ऊपर से ही कूड़ा उठाकर ले जाते हैं। नालों के चोक होने से जलभराव की बड़ी परेशानी खड़ी होती है। अस्पताल मार्ग, रोडवेज बस स्टेशन मार्ग, यशोदा मार्केट, जिला अस्पताल, बाजार में नाले बंद हैं। जल निकासी न होने से जलभराव हो जाता है। लोगों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है।
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उदाहरण एक:
मुख्य बाजार में मोहल्ला ठेर में नाले-नालियां की हालत खराब है। फुटपाथ पर अवैध कब्जा करके हुए अत िक्रमण की बजह से जल निकासी की व्यवस्था चौपट है। यदि ऐसा ही रहा तो इस बार भी बारिश में वहां पर जलभराव से लोगों को दो चार होना होगा।
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उदाहरण दो:
संभल-हसनपुर मार्ग से नखासा को जाने वाले मार्ग पर जल निकासी की पर्यूाप्त व्यवस्था नहीं है। वहां पर नालियां बंद होने से हर बारिश में जलभराव होता है। पिछली बार पूरे सीजन लोगों ने दिक्कत झेली। रास्ते में जलभराव रहा लेकिन बावजूद इसके कोई समाधान नहीं हो सका।
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उदाहरण तीन:
भैंस नदी में जितना कूड़ा-करकट भरा हुआ है, उसको साफ जाहिर हो रहा है कि जलनिकासी मुमकिन नहीं है। फिलहाल यह भैंस नदी के नाम से पहचाना जाने वाला नाला चोक है। बारिश के दौरान लोगों को इसका खामियाजा भी उठाना पड़ेगा।
यह हैं प्रमुख जलभराव वाले स्थान व मोहल्ले
-तुर्तीपुर इल्हा का क्षेत्र
-नखासा रोड
-अस्पताल रोड
-यशोदा मार्केट
-जिला अस्पताल
-रोडवेज बस स्टेशन
-मुख्य बाजार
-तहसील परिसर
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कोट
नालों की सफाई के लिए अभियान चल रहा है। बरसात के पहले काम पूरा करा लिया जाएगा। जिन मोहल्लों में जलभराव की परेशानी है वह चिह्नित करा लिए गए हैं। उसे दूर करने पर काम किया जा रहा है।
रामपाल यादव, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद, संभल।