धार्मिक नारे लगाकर भीड़ को भड़काया
24 नवंबर को जामा मस्जिद का सर्वे शुरू हुआ तो सैकड़ों की संख्या में लोग एकत्र हो गए थे। इसी दौरान धार्मिक नारे लगाकर यह भी अफवाह फैलाई गई कि सर्वे करा रहा बाहर से आया अधिवक्ता हमारे नबी की शान में गुस्ताखी करता है। इसके बाद ही भीड़ बेकाबू हो गई। एसपी ने बताया कि शारिक साटा गिरोह के सदस्यों ने ही माहौल बिगाड़ने के लिए ही धार्मिक नारे लगाए थे। इसके बाद ही भीड़ काबू से बाहर हो गई थी।
एसपी का समझाते हुए वीडियो हुआ था वायरल
बवाल के दौरान जो युवा पुलिस पर पत्थरबाजी कर रहे थे। उस समय एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने लाउडस्पीकर से समझाते हुए कहा था कि बेटा अपना भविष्य बर्बाद न करो। वापस चले जाओ और किसी के बहकावे में न आओ। इसके बाद भीड़ ने पुलिस को पीछे हटने के लिए भी कहा था। इसके बाद एसपी ने खफा होकर कहा था कि यदि वापस नहीं गए तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नखासा थाना पुलिस ने वांछित उपद्रवी जेल भेजा
नखासा थाना पुलिस ने वांछित चल रहे मोहल्ला हिंदूपुरा खेड़ा निवासी निहाल को जेल भेजा है। आरोपी ने पुलिस को पूछताछ में बताया है कि वह जामा मस्जिद के नजदीक, नखासा तिराहा और हिंदूपुरा खेड़ा में पत्थरबाजी करने में शामिल रहा था। घटना के बाद से भाग गया था।
एसपी ने बताया कि फोटो के आधार पर पत्थरबाज की पहचान की गई थी। इसी आधार पर गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां से जेल भेजा गया है। एसपी ने बताया कि नखासा थाना पुलिस ने 24 उपद्रवियों के गैरजमानती वारंट जारी कराए थे। इसमें पहली गिरफ्तारी हुई है।