विवेचक पर लगाया कोर्ट की अवहेलना का आरोप
संभल की शाही जामा मस्जिद में हरिहर मंदिर होने के दावे को लेकर हुए बवाल में विवेचक पर कोर्ट की अवहेलना का आरोप लगाया गया है।इस संबंध में कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर विवेचक द्वारा न्यायालय में ठोस साक्ष्य प्रस्तुत न करने का आरोप लगाया है। साथ ही रिमांड रिफ्यूज करने व विवेचक पर कार्रवाई करने की मांग की है।
संभल की शाही जामा मस्जिद में हरिहर मंदिर होने का दावा होने पर हुए 24 नवंबर को हुए बवाल में बहुत से लोगों को फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी के आधार पर संभल व हयातनगर की पुलिस ने मुकदमे दर्ज किए थे। इस मामले में पुलिस ने 20 जनवरी को मोहम्मद दानिश सहित 10 आरोपियों को रिमांड मजिस्ट्रेट के न्यायालय में प्रस्तुत किया था।
रिमांड पर आरोपियों के अधिवक्ताओं ने आपत्ति की थी और न्यायालय से ये भी अनुरोध किया गया कि आरोपियों के विरुद्ध कोई ठोस साक्ष्य नहीं है। आरोपी मोहम्मद दानिश के अधिवक्ता मोहम्मद आबाद मियां ने बताया कि साक्ष्य प्रस्तुत करने के प्रार्थनापत्र पर रिमांड मजिस्ट्रेट ने भी विवेचक को आदेशित किया था लेकिन शुक्रवार को भी कोई भी ठोस सबूत विवेचक द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया गया।
इस संबंध में प्रार्थनापत्र में पुलिस पर आरोप लगाया है कि आरोपियों को बेवजह गिरफ्तार किया है। साथ ही एक अन्य प्रार्थनापत्र भी इस संबंध में दिया गया है। जिसमें विवेचक पर न्यायालय के आदेश की अवहेलना करने पर कार्रवाई की भी मांग की गई है।