न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ता, पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल
बार एसोसिएशन चंदौसी के अधिवक्ता जामा मस्जिद के सदर जफर अली एडवोकेट को जेल भेजे जाने पर लामबंद हो गए हैं। जिसको लेकर सोमवार की सुबह 11 बजे बार सभागार में अधिवक्ताओं की एक सभा हुई। जिसमें अधिवक्ताओं ने कमेटी का गठन कर सदर जफर अली की जमानत अर्जी पर सुनवाई को लेकर बल दिया। इस दौरान अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे।
सभा को संबोधित करते हुए बार अध्यक्ष मो. नजर कुरैशी ने कहा कि पुलिस द्वारा जिला न्यायालय को छावनी बना दिया गया। अधिवक्ता को गुनहगार बताते हुए गलत रूप से जेल भेज दिया गया। विनोद कुमार सिंह ने बताया कि जफर अली को ऐसे मुकदमे में पकड़ कर लाया गया, जिस एफआईआर में उनका नाम ही नहीं था और गलत तरीके से धाराएं बढ़ा कर जेल भेज दिया गया।
सगीर सैफी ने कहा कि आज हम हड़ताल करें तथा एक कमेटी का गठन किया जाए। जिसको बार के पदाधिकारी अनुमति देकर जफर अली एडवोकेट की अर्जी पर सुनवाई करवाएं। पूर्व अध्यक्ष राजेश सिंह ने कहा कि प्रशासन बेलगाम है। सभा को संबोधित करने वालों में विनय राज, संजय शर्मा, श्रीगोपाल शर्मा, मिक्की मियां, नितिन सिंह विक्की थे। जिन्होंने अपने-अपने विचार रखे।
इस अवसर पर राजेश कुमार यादव, रमेश चंद्र शर्मा, शकील अहमद वारसी, मो. मलिक, विकास राघव, सुभाष यादव, तीरथ राज यादव, दयासिंधु यादव, महेश यादव, अनिल कुमार तुरैहा, नदीम अहमद, रामरहीश, गोपेश कुमार, उमाकांत, राहुल चौधरी, किरन शर्मा, योगेश कुमार सिंह समेत तमाम अधिवक्ता उपस्थित रहे। अध्यक्षता बार अध्यक्ष मो. नजर कुरैशी व संचालन सचिव सचिन गोयल ने किया।
कमेटी यह अधिवक्ता हैं शामिल
सोमवार को हुई बार एसोसिएशन की सभा में कमेटी का गठन किया गया। जिसमें अध्यक्ष मो. नजर कुरैशी, सचिव सचिन कुमार गोयल, मो. सगीर सैफी, राजेश सिंह, राजेश कुमार यादव, संजय शर्मा, विनोद सिंह को जफर अली एडवोकेट की जमानत अर्जी पर सुनवाई कराने के लिए अधिकृत किया गया तथा सभा द्वारा हड़ताल होने के बावजूद जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए अनुमति प्रदान की गई।