एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि एसआईटी ने तथ्याें के आधार पर विवेचना पूरी कर ली है। बुधवार को न्यायालय में विवेचक द्वारा चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। मालूम हो 24 नवंबर 2024 को हुए बवाल के बाद संभल कोतवाली और नखासा थाने में 12 मुकदमे दर्ज किए गए थे। इसमें चार हत्या के मामले शामिल थे। एसआईटी को इन मुकदमों की जांच सौंपी गई थी। 10 मुकदमों की चार्जशीट तो एसआईटी द्वारा न्यायालय में दाखिल कर दी गई थी। सांसद और विधायक के बेटे जिस मुकदमे में नामजद आरोपी बनाए गए थे। उसी को इस पूरे बवाल को मुख्य मुकदमा पुलिस द्वारा भी माना जा रहा था।
सांसद पर भड़काऊ भाषण देने और विधायक के बेटे पर उकसाने का आरोप
जामा मस्जिद के नजदीक हुए बवाल में मुकदमा अपराध संख्या 335/24 में दर्ज एफआईआर के अनुसार सांसद जियाउर्रहमान बर्क पर बवाल से पहले भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगा था। जबकि बवाल के दिन विधायक के बेटे सुहेल इकबाल पर भीड़ को उकसाने का आरोप है। बाद में सांसद पर आरोप लगा कि बवाल से पहले ही उन्होंने सर्वे को रोकने और भीड़ एकत्र करने के लिए कहा था। इसी तरह के अन्य कई आरोप सांसद पर लगे हैं।
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